कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद आज मंगलवार को ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उनके साथ अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। चुनाव नतीजों में खुद भवानीपुर सीट हारने वाली ममता बनर्जी ने इस हार को 'जनादेश' नहीं बल्कि 'लूट' करार दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कौन-कौन मौजूद थे?
शोभनदेब चटर्जी, फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य, डेरेक ओ'ब्रायन और कल्याण बनर्जी ममता और अभिषेक के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित थे।
'100 सीटें लूटी गईं, कमीशन बना विलेन'
अभिषेक बनर्जी को साथ लेकर ममता ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा, "मैं अब एक मुक्त पक्षी हूँ। बीजेपी ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला है। हमारी 100 सीटें लूटी गई हैं और काउंटिंग में धांधली हुई है"। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों को बदलकर बीजेपी और आयोग के बीच 'बेटिंग' (सट्टेबाजी) हुई, जिसमें प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सीधे तौर पर शामिल थे।
इस्तीफे के सवाल पर जवाब
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह अभी पद नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा, "मैं इस्तीफा क्यों दूँ? हम हारे नहीं हैं, हमसे वोट लूटा गया है। इस्तीफे का सवाल ही पैदा नहीं होता"।
हिंसा और मारपीट का गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने मतगणना केंद्रों पर धांधली का दावा करते हुए कहा कि उनके एजेंटों को केंद्रों में घुसने नहीं दिया गया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "अंदर उन्होंने मेरे पेट और पीठ पर लात मारी। सीसीटीवी बंद कर दिए गए थे"। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वह गणना केंद्र जा रही थीं, तो जगुबाजार के पास उनकी गाड़ी को रोका गया। ममता के अनुसार, वह भवानीपुर में 13 हजार वोटों से लीड कर रही थीं, लेकिन केंद्रीय बलों की मदद से वहां सब तोड़-फोड़ दिया गया।
'इंडिया' गठबंधन को करेंगी मजबूत
भले ही बंगाल में टीएमसी की हार हुई है, लेकिन ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि वह 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन को और मजबूत करेंगी। उन्हें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव और हेमंत सोरेन जैसे विपक्षी नेताओं ने फोन कर समर्थन दिया है। गौरतलब है कि ममता बनर्जी भवानीपुर में बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी से 15,000 से अधिक वोटों से हार गई हैं और पूरे राज्य में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया है।