नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक और CBSE की मार्किंग गड़बड़ियों के बाद देश की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक ऐसे हाई-टेक सिस्टम पर काम कर रही है जिसमें प्रश्नपत्र बनाने वाले एक्सपर्ट्स को भी यह पता नहीं होगा कि उनके बनाए सवाल किस परीक्षा के लिए इस्तेमाल होंगे। इस प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर शिक्षा जगत में चर्चा तेज हो गई है और इसे परीक्षा सुरक्षा के सबसे बड़े बदलावों में से एक माना जा रहा है।
‘एक्सपर्ट्स को नहीं पता होगा पेपर किस एग्जाम का’
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नई योजना में विषय विशेषज्ञ केवल सवाल तैयार करेंगे, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं दी जाएगी कि ये प्रश्न किस परीक्षा (NEET, JEE या अन्य) के लिए उपयोग होंगे। इन सभी सवालों को एक केंद्रीय डिजिटल प्रश्न बैंक में संग्रहित किया जाएगा, जिसमें लगभग 10,000 प्रश्न शामिल हो सकते हैं। बाद में तकनीक की मदद से इन प्रश्नों से फाइनल पेपर तैयार किया जाएगा।
कैसे काम करेगा नया डिजिटल सिस्टम?
प्रस्तावित मॉडल के अनुसार-
विषय विशेषज्ञ सिर्फ प्रश्न तैयार करेंगे
प्रश्नों को एक सुरक्षित डिजिटल बैंक में रखा जाएगा
AI और एल्गोरिद्म की मदद से पेपर तैयार होगा
किसी भी व्यक्ति को पूरे पेपर की जानकारी नहीं होगी
प्रक्रिया को ‘ह्यूमन-फ्री’ और कम-रिस्क सिस्टम बनाने की कोशिश होगी
ट्रांसलेशन सिस्टम में भी AI का बड़ा रोल
NTA पहले ही सुप्रीम कोर्ट को बता चुकी है कि लगभग 85% ट्रांसलेशन का काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कराया जाएगा। इसके बाद एक्सपर्ट्स केवल यह जांचेंगे कि ट्रांसलेशन सही है या नहीं। इसका उद्देश्य भी यही है कि मानवीय हस्तक्षेप और संभावित लीक की संभावना को कम किया जा सके।
NEET री-एग्जाम की तैयारी, NTA का दावा- लीक नहीं हुआ पेपर
21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम से पहले सोशल मीडिया पर पेपर लीक के दावे भी सामने आए हैं। लेकिन NTA ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि वायरल हो रहे पेपर और मैसेज पूरी तरह फर्जी हैं और कुछ गिरोह छात्रों को गुमराह कर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं।
NTA ने छात्रों से की अपील
NTA ने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे किसी भी अफवाह या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। साथ ही एजेंसी ने यह भी बताया कि ऐसे फर्जी दावों से जुड़े अकाउंट्स और चैनलों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ साइबर क्राइम एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई शुरू की गई है।
किरण रिजिजू का बयान- सिस्टम सुधार सरकार की जिम्मेदारी
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों के मामलों में सरकार जिम्मेदारी से भाग नहीं रही है, बल्कि सिस्टम सुधार पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी मंत्री या स्टाफ पर सीधे भ्रष्टाचार या गलत काम का आरोप हो, तभी इस्तीफे की मांग उचित होती है। NEET मामले में ऐसा कोई सीधा आरोप नहीं है।
क्या बदल जाएगी भारत की परीक्षा व्यवस्था?
NTA की यह नई योजना परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बदलावों की सफलता इसके क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर निर्भर करेगी।