नई दिल्ली: नीट-यूजी 2026 परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार की नई सुरक्षा रणनीति पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। परीक्षा में पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल पर विचार कर रही है। इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि नीट परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल करने की बात कही जा रही है, लेकिन इससे पेपर लीक कैसे रुकेगा? उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था माफिया के प्रभाव में आ चुकी है और केवल परिवहन व्यवस्था बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा। केजरीवाल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए व्यापक और सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। उनके मुताबिक, जब तक सिस्टम की खामियों को दूर नहीं किया जाएगा, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाना मुश्किल होगा।
परीक्षा सुरक्षा के लिए सरकार का बड़ा प्लान
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार इस बार किसी भी तरह की चूक से बचना चाहती है। इसी उद्देश्य से प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, परिवहन, भंडारण और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है। बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्री Rajnath Singh के आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan, केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia, एनटीए के वरिष्ठ अधिकारी और प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
पीएम स्तर पर हो रही निगरानी
सूत्रों का दावा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi स्वयं परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी परीक्षा में किसी भी तरह की सुरक्षा चूक न हो और प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाएं।
पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ी सतर्कता
गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा को लेकर पिछले दिनों पेपर लीक के आरोपों ने देशभर में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। इसके बाद परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। अब केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए विकल्पों पर काम कर रही है।