नई दिल्ली/मलप्पुरम: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने केरल के मलप्पुरम में भारी मात्रा में अवैध विस्फोटकों की बरामदगी से जुड़े मामले में शनिवार को बड़ा अभियान चलाया। एजेंसी ने केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में कुल 19 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई विस्फोटकों के अवैध परिवहन और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच के तहत की गई। एनआईए की टीमों ने आरोपियों के घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, फर्मों और मामले से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों के ठिकानों पर तलाशी ली। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक कहां से लाए गए और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
केरल में कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, मलप्पुरम जिले के तिरुआरंगडी और वंडूर के अलावा कोझिकोड जिले के एरानजिमावु, कन्नूर और कासरगोड के विभिन्न इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया गया। तिरुआरंगडी स्थित एक गोदाम और ट्रक मालिक की पत्नी के घर पर भी जांच एजेंसियों ने छापेमारी की। एनआईए अधिकारियों ने बताया कि मामले में शामिल लोगों और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य विस्फोटकों के स्रोत, परिवहन नेटवर्क और संभावित उपयोग की जानकारी जुटाना है।
फरवरी में ट्रक से मिली थी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री
यह मामला इसी वर्ष फरवरी का है, जब केरल के चेम्मड इलाके में पुलिस ने प्याज से भरे एक ट्रक से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए थे। ट्रक की तलाशी के दौरान 10,500 से अधिक जिलेटिन की छड़ें, डेटोनेटर और तार बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि विस्फोटक सामग्री लगभग 245 बक्सों में भरकर प्याज के बोरों के बीच छिपाई गई थी, ताकि किसी को शक न हो। यह ट्रक छह फरवरी की रात एक ईंट भट्ठे पर पहुंचा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो माल उतारने वाले लोग वहां से फरार हो गए।
महिला ट्रक मालिक हिरासत में ली गई थी
मामले की शुरुआती जांच के दौरान ट्रक की मालकिन को हिरासत में लिया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि महिला एक खदान इकाई की संचालक थी। पुलिस को संदेह है कि विस्फोटकों का संबंध खनन गतिविधियों से परे किसी बड़े नेटवर्क से हो सकता है।
NIA कर रही है पूरे नेटवर्क की जांच
प्रारंभिक जांच में पता चला कि विस्फोटक सामग्री केरल के बाहर से लाई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में एनआईए ने जांच अपने हाथ में ले ली। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटकों की आपूर्ति करने वाले लोग कौन थे और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था। एनआईए ने कहा कि विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। एजेंसी का फोकस अवैध परिवहन, भंडारण और संभावित इस्तेमाल से जुड़े हर लिंक को खंगालने पर है।