नई दिल्ली। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ कई राज्यों में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ गया है। पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सिक्किम और असम में पुल बहने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने और भूस्खलन के चलते सात जिलों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है।
दूसरी ओर उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मानसून उत्तर भारत की ओर तेजी से बढ़ेगा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। उत्तरी सिक्किम के जोंगू क्षेत्र में शनिवार रात हुई तेज बारिश के कारण फी खोला नदी पर बना पुल बह गया, जिससे फिदांग-सांकलांग मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं दक्षिण सिक्किम के लिंगी क्षेत्र के अपर काव खोला इलाके में भी भारी नुकसान हुआ है।
असम के धेमाजी जिले में केमी और ओयान को जोड़ने वाला करीब 300 मीटर लंबा पुल भी तेज बहाव में बह गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। अरुणाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई।
अगले दो से तीन दिनों में और आगे बढ़ेगा मानसून
आईएमडी के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है।इसके बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई क्षेत्रों में भी मानसून के आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।
उत्तर-पश्चिम भारत में अभी जारी रहेगा लू का असर
उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में फिलहाल गर्मी और लू का दौर बना रहेगा। मौसम विभाग ने 29 जून को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लू से लेकर भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30 जून तक लू चलने के आसार हैं। बिहार में भी 28 और 29 जून को गर्म हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है।
शनिवार को राजस्थान के फलोदी में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि 30 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम बदलना शुरू होगा और हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।
मेघालय और पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान मेघालय में 39 सेंटीमीटर, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 26 सेंटीमीटर, अरुणाचल प्रदेश में 15 सेंटीमीटर तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, गोवा, विदर्भ, छत्तीसगढ़, मिजोरम, केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। कई राज्यों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मध्य भारत में 4 जुलाई तक अच्छी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार मध्य भारत में भी आगामी दिनों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 29 जून से 4 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
इसके अलावा गुजरात, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 1 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में भी अगले कई दिनों तक अच्छी बारिश होने के आसार हैं।