नई दिल्ली। भारत की पहली पर्यावरण-अनुकूल हाइड्रोजन ट्रेन के नियमित संचालन की दिशा में एक और बड़ी सफलता मिली है। पुरानी दिल्ली-जींद- सोनीपत रेलखंड पर ट्रेन का अंतिम चरण का हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया। ट्रायल के दौरान ट्रेन ने 85 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ लगाई और सभी तकनीकी मानकों पर बेहतर प्रदर्शन किया।
रेलवे अधिकारियों ने परखी तकनीकी क्षमता
हाई-स्पीड ट्रायल के दौरान दिल्ली मुख्यालय से पहुंचे प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर के नेतृत्व में रेलवे अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने ट्रेन की वायरिंग, बैलेंसिंग, सिग्नलिंग, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की। परीक्षण का उद्देश्य ट्रेन के सुरक्षित और सुचारु संचालन को सुनिश्चित करना था।
कई चरणों में हुआ सफल परीक्षण
सुबह 9:10 बजे ट्रेन को दो डीजल इंजनों की सहायता से जींद से करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दिल्ली लाया गया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे ट्रेन ने सोनीपत की ओर हाई-स्पीड ट्रायल शुरू किया। दोपहर 1:25 बजे ट्रेन सोनीपत स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पहुंची, जहां करीब 29 मिनट तक उसे रोका गया ताकि अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों को रास्ता दिया जा सके। इसके बाद ट्रेन ने अप और डाउन ट्रैक पर देर शाम तक कुल चार सफल ट्रायल रन पूरे किए।
जल्द आम यात्रियों के लिए शुरू हो सकता है संचालन
रेलवे प्रशासन पिछले चार महीनों से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतिम रूप देने में जुटा है। अधिकारियों के अनुसार ट्रेन के अधिकांश तकनीकी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं और सभी जरूरी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।