सऊदी अरब के रास तनुरा क्षेत्र में रविवार को दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतकों में सभी सऊदी अरब के नागरिक शामिल हैं।
हादसे की वजह का अभी नहीं हुआ खुलासा
दुर्घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। संबंधित एजेंसियां हादसे की जांच में जुटी हैं और तकनीकी कारणों सहित सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल है अरामको
सऊदी अरामको विश्व की सबसे बड़ी तेल एवं गैस कंपनियों में गिनी जाती है और यह पूरी तरह सऊदी अरब सरकार के स्वामित्व में है। कंपनी की स्थापना वर्ष 1933 में अमेरिकी कंपनियों के साथ हुए समझौते के तहत हुई थी, जबकि 1980 में इसका पूर्ण नियंत्रण सऊदी सरकार के हाथों में आ गया।
वैश्विक ऊर्जा बाजार में अहम भूमिका
धहरान मुख्यालय वाली अरामको के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है और कंपनी प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करती है। सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा इसी कंपनी की आय पर निर्भर करता है।
कंपनी कच्चे तेल के उत्पादन के अलावा रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में भी सक्रिय है। इसके नियंत्रण में दुनिया का सबसे बड़ा पारंपरिक तेल क्षेत्र ‘गवार’ भी शामिल है। हाल के वर्षों में अरामको ने नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन और कार्बन कैप्चर जैसी आधुनिक तकनीकों में भी बड़े पैमाने पर निवेश बढ़ाया है।