भोपाल। अगर आप डॉग या कैट लवर हैं और पालतू कुत्ता या बिल्ली पाल रहे हैं या पालने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है। भोपाल में पालतू और आवारा कुत्तों-बिल्लियों को लेकर बढ़ते विवादों के बीच नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने नियमों के सख्त पालन की चेतावनी दी है। नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
नगर पालिका नियम 2023 के तहत शहरी क्षेत्रों में पालतू जानवरों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। किसी भी पालतू कुत्ते या बिल्ली को रखने के सात दिन के भीतर नगर निगम में उसका रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। हैरानी की बात यह है कि भोपाल में अब तक केवल 256 कुत्तों और 63 बिल्लियों का ही पंजीकरण हुआ है, जबकि शहर में पालतू जानवरों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक मानी जा रही है।
कुत्तों को लेकर विवादों के चर्चित मामले
शहर में बीते कुछ वर्षों में कुत्तों को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। फरवरी 2026 में अयोध्या नगर थाना क्षेत्र की श्रवण कांता कॉलोनी में आवारा कुत्तों की शिकायत पर विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति ने दो महिलाओं पर तलवार से हमला कर दिया। इससे पहले 2025 में एक निजी आवासीय सोसायटी में डॉग फीडिंग को लेकर रहवासियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी, जिसमें पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
रजिस्ट्रेशन शुल्क क्या है
नगर निगम के अनुसार कुत्ते का पंजीकरण शुल्क 150 रुपये प्रति वर्ष तय है, जबकि नवीनीकरण शुल्क 50 रुपये रखा गया है। गाय और बैल के लिए यह शुल्क 200 रुपये प्रति वर्ष और नवीनीकरण 100 रुपये है। अन्य पालतू पशुओं के लिए 50 रुपये वार्षिक शुल्क और 50 रुपये नवीनीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।
पालतू जानवर पालने वालों के लिए जरूरी नियम
सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते को ले जाते समय उसे पट्टे या जंजीर से बांधकर रखना अनिवार्य है। इसके साथ ही सुरक्षा के लिहाज से कुत्ते का मुंह भी ढकना जरूरी है। अगर कोई पालतू जानवर लोगों के लिए खतरा बनता है, तो उसके मालिक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
नियम तोड़े तो लगेगा दस गुना जुर्माना
यदि तय समय सीमा में पंजीकरण नहीं कराया गया, तो निर्धारित शुल्क का दस गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई और जेल तक का प्रावधान भी है।
पुलिस का क्या कहना है
इस पूरे मामले पर पुलिस कमिश्नर का कहना है कि कुत्तों को लेकर बढ़ते विवाद केवल कानून का नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी विषय हैं। अगर पशु मालिक नियमों का पालन करें, तो ऐसे विवादों से बचा जा सकता है। शिकायत मिलने पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करती है।
भोपाल में पालतू कुत्ता पालना अब केवल शौक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। नियमों का पालन न करने पर आर्थिक जुर्माने के साथ कानूनी मुश्किलें भी खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में बेहतर यही है कि समय पर रजिस्ट्रेशन कराएं और तय नियमों का पूरी तरह पालन करें।