कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के विशेष सत्र में आज समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक पेश किया जाएगा। राज्य की भाजपा सरकार इसे सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। वहीं, विपक्षी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस विधेयक के खिलाफ विधानसभा से लेकर सड़क तक विरोध करने का ऐलान किया है।
UCC के साथ चार अन्य अहम विधेयक भी होंगे पेश
विशेष सत्र के दौरान UCC विधेयक के अलावा चार अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे। इनमें अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों की जब्ती और नीलामी से जुड़ा विधेयक भी शामिल है।
सभी धर्मों के लिए एक समान कानून का प्रस्ताव
प्रस्तावित UCC कानून का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों के लोगों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। भाजपा का कहना है कि इससे कानून के समक्ष समानता सुनिश्चित होगी।
सरकार का दावा- तय प्रक्रिया के तहत लागू होगा कानून
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि गुजरात, उत्तराखंड और असम की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए UCC लागू किया जा रहा है।
TMC ने किया विरोध का ऐलान
तृणमूल कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध करने का संकेत दिया है। पार्टी के दोनों गुट अलग-अलग रणनीति के तहत सदन में सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। हालांकि विधानसभा में भाजपा के स्पष्ट बहुमत को देखते हुए विधेयक के पारित होने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
आदिवासी समुदाय रहेगा दायरे से बाहर
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि प्रस्तावित UCC कानून के दायरे से आदिवासी समुदाय को पूरी तरह बाहर रखा जाएगा।