नई दिल्ली. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सरकार किसानों को हर साल छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में देती है। अब तक तेईस किस्तों में चार दशमलव सैंतालीस लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। चौबीसवीं किस्त की डेट अभी तय नहीं हुई है लेकिन उम्मीद है कि यह तीस नवंबर से पहले कभी मिल सकती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी जानकारी समय पर अपडेट रखें ताकि किस्त में कोई बाधा न आए। पोर्टल पर हुए नए बदलाव इसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए लाए गए हैं।
मिसिंग जानकारी अपडेट करने की सुविधा
पीएम किसान पोर्टल पर दाएं तरफ ढेर सारे चौकोर खाने बने हुए हैं। इनमें पहली लाइन में चौथे नंबर पर अपडेट मिसिंग इंफॉर्मेशन लिखा होता है। यह सुविधा उन किसानों के लिए है जिन्होंने पोर्टल पर अपनी जानकारी अधूरी छोड़ी है। इस चौकोर खाने को टैप करने पर एक नया पेज खुलता है। इसमें दो खाने दिए होते हैं। पहले में आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और दूसरे में कैप्चा कोड भरें फिर सर्च पर टैप करें। इससे मिसिंग इन्फार्मेशन पता चल जाता है और उसे यहीं से अपडेट करके सबमिट किया जा सकता है। यह सुविधा अधूरी प्रोफाइल वाले किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। समय पर जानकारी पूरी करने से किस्त आने में देरी नहीं होती।
मोबाइल नंबर अपडेट करने की प्रक्रिया
अगर किसान ने हाल फिलहाल अपना मोबाइल नंबर बदला है या फिर आधार में नया नंबर जुड़वाया है तो इस बदलाव के बारे में जानना बेहद जरूरी है। पोर्टल पर दूसरी लाइन में दूसरे चौकोर खाने पर टैप करना होता है। यहां भी रजिस्ट्रेशन या आधार नंबर भरकर कैप्चा डालें और सर्च पर टैप करें। इसके बाद अपना आधार से लिंक्ड नंबर डालकर अपडेट कर सकते हैं। सही मोबाइल नंबर होने से ओटीपी और महत्वपूर्ण सूचनाएं समय पर मिलती रहती हैं। कई किसानों को पुराने नंबर की वजह से समस्या होती थी अब यह सुविधा उसे दूर कर रही है। नियमित अपडेट से लाभ सुनिश्चित होता है।
अपात्र होने पर ऑनलाइन रिफंड की सुविधा
अगर कोई किसान अपात्र होते हुए भी पीएम किसान की किस्त उठा रहा है तो वह ऑनलाइन रिफंड वाले खाने पर क्लिक कर सकता है। यहां भी रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालकर कैप्चा कोड भरें फिर गेट ओटीपी पर क्लिक करें। इसके बाद दिए गए निर्देशों को पूरा करके अब तक गलत तरीके से मिले पीएम किसान के पैसे को रिफंड कर दें। यह सुविधा पारदर्शिता बनाए रखने और गलत लाभार्थियों को सुधार का मौका देने के लिए लाई गई है। सही जानकारी देकर रिफंड करने से भविष्य में किसी कानूनी समस्या से बचा जा सकता है। किसानों को ईमानदारी से इस प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
अधिकारियों से संपर्क के लिए पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट
पीएम किसान पोर्टल के होम पेज पर जाकर दाएं साइड बने बॉक्स में से सर्च योर पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट पर क्लिक करें। यहां एक पेज खुलेगा जिसमें स्टेट नोडल कॉन्टैक्ट डिटेल लिखा होगा। अगर स्टेट नोडल का नाम पता और नंबर चाहिए तो सर्च स्टेट नोडल पर क्लिक करें। जिले के अधिकारियों से संपर्क करना हो तो सर्च डिस्ट्रिक्ट नोडल का विकल्प चुनें। इससे किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने में मदद मिलती है। स्थानीय स्तर पर सहायता प्राप्त करना अब आसान हो गया है। सही संपर्क सूत्र होने से शिकायतों का निपटारा तेजी से होता है।