कोलकाता: पश्चिम बंगाल के चुनावी दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह एक अलग ही अंदाज में दिखे। कोलकाता में हुगली नदी (गंगा) के शांत पानी में नौका विहार करते हुए प्रधानमंत्री ने न केवल प्रकृति का आनंद लिया, बल्कि उस नाव को चलाने वाले मांझी और उसके मालिक को भी जीवन भर की यादें दे दीं।
"सपने में भी नहीं सोचा था" – मांझी गौरांग
प्रधानमंत्री को गंगा की सैर कराने वाले मांझी गौरांग विश्वास अपनी खुशी नहीं छिपा पा रहे हैं। उन्होंने मीडिया से कहा:
"किसी सेलिब्रिटी को नाव पर बिठाना अच्छा लगता है, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री मेरी नाव पर बैठेंगे, यह मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। उन्होंने मुझसे मेरा नाम पूछा और इशारों में बीच गंगा तक ले जाने को कहा। मैं बहुत खुश हूँ कि मुझे उन्हें घुमाने का मौका मिला।"
कैसे तय हुई प्रधानमंत्री की सवारी?
नाव के मालिक मोहम्मद इफ्तेखार अहमद ने बताया कि उन्हें सुबह तक कोई अंदाजा नहीं था कि सवारी कौन होने वाली है। इफ्तेखार के अनुसार, "जब मैं सुबह घाट पर आया, तो एक लड़के ने आकर 7 नावें बुक करने को कहा। मैंने पूछा कि क्या कोई सेलिब्रिटी आ रहा है? उसने कहा ऐसी कोई बात नहीं है। लेकिन कुछ ही देर बाद प्रधानमंत्री खुद वहां पहुंच गए।" इफ्तेखार बताते हैं कि पीएम मोदी पहले रेलवे लाइन के पास से पैदल चलकर आए, मॉर्निंग वॉक की और फिर उनकी नाव पर सवार हुए।
पीएम का खास संदेश
बिहार के रहने वाले इफ्तेखार अहमद ने बताया कि नौका विहार खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री ने उनसे हाथ मिलाया और नाम पूछा। जाते-जाते पीएम मोदी ने एक अहम संदेश देते हुए कहा, "तुम लोग सब एकजुट होकर रहना और अच्छे से रहना।" बंगाल की आत्मा और विकास का संकल्प**
पीएम मोदी ने इस यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए गंगा को 'बंगाल की आत्मा' बताया। उन्होंने लिखा कि गंगा का हर बंगाली के दिल में विशेष स्थान है। इसके साथ ही उन्होंने हुगली के बीच से ही 'उन्नत पश्चिम बंगाल' का अपना संकल्प भी दोहराया।
गौरतलब है कि गुरुवार को बेलूर मठ में समय बिताने और राजभवन (लोकभवन) में रात्रि विश्राम के बाद, प्रधानमंत्री ने शुक्रवार की सुबह इस आध्यात्मिक शांति के साथ शुरू की। अब वे उत्तर 24 परगना के पनिहाटी और दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।