Himachal Pradesh: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार से हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं। अपने दौरे के दौरान वह बिलासपुर स्थित AIIMS के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इसके बाद बुधवार को राष्ट्रपति लाहौल-स्पीति जिले में स्थित अटल टनल का दौरा करेंगी। अटल टनल का दौरा करने वाली राष्ट्रपति मुर्मु देश की दूसरी राष्ट्रपति होंगी। इससे पहले जून 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अटल टनल का दौरा किया था।
AIIMS बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल
राष्ट्रपति मुर्मु मंगलवार को बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इस दौरान वह संस्थान के विद्यार्थियों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को संबोधित कर सकती हैं। राष्ट्रपति के हिमाचल दौरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी की गई हैं।
अटल टनल का करेंगी दौरा
बुधवार को राष्ट्रपति मुर्मु लाहौल-स्पीति जिले के रोहतांग क्षेत्र में अटल टनल का दौरा करेंगी। 9.02 किलोमीटर लंबी यह सुरंग रणनीतिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। अटल टनल रोहतांग दर्रे के नीचे से गुजरती है और मनाली-लेह राजमार्ग को सालभर बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2022 में रामनाथ कोविंद ने किया था दौरा
राष्ट्रपति मुर्मु से पहले जून 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अटल टनल पहुंचे थे। इस तरह मुर्मु इस सुरंग का दौरा करने वाली देश की दूसरी राष्ट्रपति होंगी।
2020 में PM मोदी ने किया था उद्घाटन
अटल टनल का निर्माण बेहद चुनौतीपूर्ण भौगोलिक और मौसम की परिस्थितियों में किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2020 को रोहतांग में इस सुरंग का उद्घाटन किया था। सुरंग बनने से पहले मनाली-लेह मार्ग का यह हिस्सा सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण करीब छह महीने तक बंद रहता था। इससे लाहौल-स्पीति क्षेत्र का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से प्रभावित होता था।
मनाली-लेह कनेक्टिविटी को मिली मजबूती
अटल टनल के निर्माण से मनाली-सरचू सड़क की दूरी करीब 46 किलोमीटर कम हुई है। इसके साथ ही यात्रा समय में लगभग चार से पांच घंटे की कमी आई है। सुरंग के कारण मनाली और लाहौल-स्पीति के बीच संपर्क बेहतर हुआ है और मनाली-लेह राजमार्ग पर सभी मौसम में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद मिली है।