नई दिल्ली. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न पामुलापर्ति वेंकट नरसिम्हा राव की 105वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नरसिम्हा राव का नाम भारतीय राजनीति में दूरदर्शी नेतृत्व, असाधारण बौद्धिक क्षमता और निर्णायक प्रशासनिक कौशल के लिए सदैव सम्मान के साथ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास के एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण दौर में राव ने जिस धैर्य, विवेक और दूरदृष्टि के साथ नेतृत्व किया, उसने भारत की विकास यात्रा को नई दिशा प्रदान की। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उनकी सरकार ने राष्ट्र के प्रति उनके ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देते हुए उन्हें भारत रत्न से अलंकृत किया, जो पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
सामाजिक माध्यम पर साझा किया श्रद्धांजलि संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर अपने संदेश में पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए लिखा कि पी. वी. नरसिम्हा राव को उनके कुशल नेतृत्व और विलक्षण बुद्धिमत्ता के लिए सदैव स्मरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राव ने भारत की प्रगति में ऐसे समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जब देश अनेक आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहा था। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक ऐसे विद्वान राजनेता के रूप में भी याद किया, जिन्हें भारतीय संस्कृति, भाषाओं और सभ्यता की गहरी समझ थी। उन्होंने कहा कि राव का व्यक्तित्व राजनीति, प्रशासन और बौद्धिक चिंतन का अद्भुत समन्वय था, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी प्रेरणा प्राप्त करती रहेंगी।
आर्थिक उदारीकरण और आधुनिक भारत की नई दिशा
पी. वी. नरसिम्हा राव का कार्यकाल भारतीय आर्थिक इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में देश ने आर्थिक उदारीकरण, वैश्विक निवेश, निजी क्षेत्र की भागीदारी और संरचनात्मक सुधारों की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाए। उस समय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे भारत को नई आर्थिक नीति के माध्यम से स्थिरता और विकास की राह पर आगे बढ़ाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि राव सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए सुधारों ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने, औद्योगिक विकास को गति देने और दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज भारत की आर्थिक प्रगति में उस दौर के निर्णयों की छाप स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
केंद्रीय मंत्रियों ने भी व्यक्त किया सम्मान
पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पी. वी. नरसिम्हा राव ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने और आम नागरिक के जीवन को सरल बनाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनके योगदान को सदैव स्मरण रखेगा। वहीं केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने भी अपने संदेश में उन्हें लोकप्रिय जननेता बताते हुए कहा कि आर्थिक सुधारों और सुशासन की दिशा में उनके प्रयास भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सदैव महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। दोनों नेताओं ने उन्हें भारत रत्न के रूप में सम्मानित किए जाने को राष्ट्र के लिए गौरवपूर्ण निर्णय बताया।
राजनीति, संस्कृति और प्रशासन का अद्वितीय संगम थे नरसिम्हा राव
पी. वी. नरसिम्हा राव केवल एक सफल राजनेता ही नहीं, बल्कि बहुभाषाविद्, लेखक, चिंतक और गहन अध्ययनशील व्यक्तित्व के धनी भी थे। भारतीय संस्कृति, साहित्य और विभिन्न भाषाओं पर उनकी असाधारण पकड़ उन्हें समकालीन नेताओं से अलग पहचान देती थी। प्रशासनिक निर्णयों में उनकी गंभीरता, राजनीतिक संतुलन और राष्ट्रीय हितों के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें आधुनिक भारत के सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में स्थान दिलाया। आज उनकी जयंती केवल एक औपचारिक स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उस दूरदर्शी नेतृत्व को नमन करने का दिन है जिसने भारत को आर्थिक आत्मविश्वास, वैश्विक प्रतिष्ठा और विकास की नई दिशा प्रदान की।