Rajasthan Legislative Assembly को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। विधानसभा के आधिकारिक ईमेल पर सुबह एक संदेश आया, जिसमें दावा किया गया कि दोपहर करीब 1 बजे भवन को विस्फोट से उड़ा दिया जाएगा। इस सूचना के सामने आते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और पूरे परिसर को एहतियातन खाली करा लिया गया।
ATS और पुलिस का सर्च ऑपरेशन
धमकी के बाद राजस्थान पुलिस और एटीएस की टीम ने विधानसभा परिसर में घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया। हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी गई। लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि परिसर में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे साफ हो गया कि यह धमकी केवल अफवाह थी।
धमकी में क्या कहा गया था?
ईमेल में दावा किया गया था कि राजस्थान के साथ-साथ Delhi Legislative Assembly को भी निशाना बनाया जाएगा। संदेश में दिल्ली में साइनाइड गैस बम लगाए जाने और चेन्नई से जुड़े आतंकी नेटवर्क का जिक्र कर डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई थी। हालांकि जांच में ये सभी दावे पूरी तरह झूठे और भ्रामक पाए गए।
10 दिनों में दूसरी बार धमकी
यह घटना पिछले कुछ दिनों में दूसरी बार सामने आई है, जब राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई हो। दोनों ही मामलों में जांच के बाद कोई खतरा नहीं मिला, लेकिन बार-बार मिल रही ऐसी धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता जरूर बढ़ा दी है और इसे हल्के में नहीं लिया जा रहा।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार मिल रही धमकियों के कारण कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए पूछा है कि आखिर ऐसे फर्जी संदेश भेजने वाले लोग कब पकड़े जाएंगे और इस तरह की घटनाओं पर कब रोक लगेगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जिम्मेदार लोगों तक जल्द पहुंचने की कोशिश जारी है।