जलपाईगुड़ी: पश्चिम बंगाल के जलপাইगुड़ी जिले के राजगंज में सरकारी फाइलों के गायब होने के मामले ने हड़कंप मचा दिया है। राजगंज ब्लॉक भूमि एवं भूमि सुधार कार्यालय (BLRO) से करीब पांच हजार महत्वपूर्ण फाइलें रहस्यमयी तरीके से लापता हैं। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के गठन का आदेश दिया था, जिसने अब अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
राजस्व अधिकारी के दफ्तर में SIT की रेड
शनिवार को एसआईटी के सदस्यों ने राजगंज बीएलआरओ कार्यालय के साथ-साथ राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) के कार्यालय पर भी छापा मारा। सूत्रों के अनुसार, गायब हुई फाइलें मुख्य रूप से साल 2021 से 2025 के बीच की 'म्यूटेशन' फाइलें हैं। पुलिस को शक है कि फर्जी म्यूटेशन और जमीन के अवैध कारोबार के सबूत मिटाने के लिए इन फाइलों को जानबूझकर गायब किया गया है।
चुनाव के बाद जांच में आई तेजी
इस मामले में इसी साल जनवरी में 6 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था, लेकिन विधानसभा चुनावों के कारण जांच की गति धीमी पड़ गई थी। चुनाव संपन्न होते ही टीम ने दोबारा सक्रियता दिखाई है। जलपाईगुड़ी के पुलिस अधीक्षक अमरनाथ के. ने बताया कि अदालत के निर्देशानुसार एसआईटी गायब फाइलों की तलाश कर रही है।राजगंज थाने के आईसी अमिताभ दास के नेतृत्व में टीम ने कई संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी ली है। यह पूरा विवाद सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के भक्तिनगर थाना क्षेत्र में एक जमीन मामले की सुनवाई के दौरान शुरू हुआ, जहाँ पहली बार फाइलों के गायब होने की बात सामने आई थी। एसआईटी जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करने वाली है।