नई दिल्ली/लखनऊ, 5 सितंबर 2026 | देशभर में आज शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और शिक्षाविद भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही देश के शिक्षकों को Teacher’s Day की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। वे भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति रहे। भारत में उनकी जयंती को शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
CM योगी ने गुरुजनों को किया नमन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. राधाकृष्णन को महान दार्शनिक, शिक्षाविद और भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रखर संवाहक बताते हुए श्रद्धांजलि दी। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक ज्ञान, संस्कार और चरित्र के जरिए राष्ट्र के भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों और सभी गुरुजनों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
नितिन गडकरी ने दी Teacher's Day की शुभकामनाएं
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति के शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद करते हुए देश के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
मनोहर लाल बोले- शिक्षक मजबूत राष्ट्र की नींव
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने शिक्षक की भूमिका को केवल ज्ञान देने तक सीमित न बताते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास का विकास कर उन्हें सक्षम नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में शिक्षक का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।
दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने शिक्षकों को बताया जीवन की मजबूत नींव
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में शिक्षकों को जीवन की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को सिर्फ पढ़ाते नहीं हैं, बल्कि उन्हें सही दिशा में सोचने, सीखने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देते हुए सभी गुरुजनों के प्रति आभार जताया।
नायब सैनी ने कहा- आने वाली पीढ़ियों को सशक्त करते हैं शिक्षक
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डॉ. राधाकृष्णन के शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाते हैं और राष्ट्र निर्माण का रास्ता तैयार करते हैं।
भजनलाल शर्मा ने गुरु के ज्ञान-संस्कार को बताया जीवन की दिशा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डॉ. राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि गुरु से मिला ज्ञान और संस्कार व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देता है। उन्होंने शिक्षकों से मिले आदर्शों को आत्मसात कर विकसित राजस्थान और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
बिहार CM सम्राट चौधरी ने जताया आभार
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी शिक्षक दिवस पर डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी और गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का संदेश दिया। उनके आज के कार्यक्रम में बिहार के 38 शिक्षकों को सम्मानित करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जीवन में ज्ञान, संस्कार और सही दिशा देने वाले शिक्षकों के योगदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने शिक्षा को बताया व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण का आधार
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने राधाकृष्णन के शिक्षा दर्शन को याद करते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण का भी आधार है। उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने भी शिक्षकों को दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर देशभर के शिक्षकों को शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानने, उनके चरित्र को मजबूत बनाने और उनमें स्वतंत्र सोच व जिज्ञासा पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रपति ने शिक्षकों से बदलती दुनिया के साथ अपने ज्ञान को अपडेट करने, नई तकनीक अपनाने और innovative teaching methods का इस्तेमाल करने का भी आह्वान किया।
क्यों 5 सितंबर को मनाया जाता है Teacher's Day?
5 सितंबर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है। वे 1952 से 1962 तक भारत के पहले उपराष्ट्रपति और 1962 से 1967 तक दूसरे राष्ट्रपति रहे। शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में उनके योगदान के कारण उनकी जयंती देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जाती है। Teacher’s Day का मकसद शिक्षकों के उस योगदान को सम्मान देना है, जो वे विद्यार्थियों के ज्ञान, चरित्र और भविष्य को आकार देने में करते हैं।