भारत में असंगठित मजदूरों की संख्या लाखों में है, जो दैनिक मजदूरी करके अपना पेट पालते हैं। इन मजदूरों का भविष्य उनकी आज की कमाई पर निर्भर होता है। ऐसे में अगर किसी कारणवश काम न मिल पाए या बुढ़ापे में काम करना मुश्किल हो, तो इनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत असंगठित मजदूरों को हर महीने पेंशन दी जाएगी, जिससे उनके बुढ़ापे का ख्याल रखा जा सके।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना क्या है?
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एक पेंशन योजना है, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करना है। इस योजना की शुरुआत भारत सरकार ने 2019 में की थी। इसके तहत असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को 3000 रुपये तक की मासिक पेंशन दी जाती है। यह पेंशन राशि 60 साल की उम्र के बाद दी जाती है, बशर्ते मजदूर ने योजना में कम से कम 20 साल तक योगदान दिया हो।
इस योजना का लाभ किन-किन मजदूरों को मिलेगा?
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का लाभ उन मजदूरों को मिलेगा, जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इसमें रेडी लगाने वाले दुकानदार, रिक्शा चालक, ड्राइवर, मोची, दर्जी, प्लंबर, नाई, धोबी आदि जैसे श्रमिकों को शामिल किया गया है। योजना में आवेदन करने के लिए मजदूर की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उन्हें कम से कम 20 साल तक कंट्रीब्यूशन करना होगा।
योजना में आवेदन कैसे करें?
इस योजना में आवेदन करना बेहद सरल है। इच्छुक मजदूरों को अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक या चेकबुक शामिल हैं। इसके बाद मजदूर को एक श्रम योगी कार्ड नंबर जारी किया जाएगा। इसके बाद, हर महीने उनकी पेंशन योजना के तहत ऑनलाइन तरीके से उनके खाते से कटेगी।
Comments (0)