कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के लिए मंच पूरी तरह तैयार है। बुधवार सुबह से राज्य के 7 जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पहले चरण की तर्ज पर दूसरे चरण को भी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए हैं, जो मिसाल बन रहे हैं।
सुरक्षा का 'चक्रव्यूह': कहाँ कितनी फौज?
आयोग ने इस बार सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी है। दूसरे चरण के लिए कुल 2,321 कंपनी केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं, जिनके साथ 38,297 राज्य पुलिसकर्मी भी मुस्तैद रहेंगे। सुरक्षा का गणित कुछ इस प्रकार तय किया गया है:
बूथ स्तर पर सुरक्षा: हर बूथ पर कम से कम 'हाफ सेक्शन' केंद्रीय बल तैनात रहेगा। जिन इमारतों में 3 बूथ हैं, वहां एक सेक्शन और जहां 5 बूथ हैं, वहां 2 सेक्शन बल सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगा।
प्रमुख क्षेत्रों में तैनाती: कोलकाता में 273, पूर्व बर्धमान में 260, बैरकपुर में 160, बारुईपुर में 161, कृष्णनगर में 158 और हावड़ा ग्रामीण में 147 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा डायमंड हार्बर (134), बारासात (112), कूचबिहार (62) और बिधाननगर (50) में भी भारी बल तैनात है।
न्यूटाउन से होगी 'सर्जिकल' निगरानी
केंद्रीय बलों ने न्यूटाउन में एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यहां SSB, ITBP, CRPF, BSF और CISF के वरिष्ठ अधिकारी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। पूरे 142 निर्वाचन क्षेत्रों को 7 क्लस्टर में बांटा गया है, जिसके लिए अलग-अलग मॉनिटरिंग टेबल बनाई गई हैं। यह कंट्रोल रूम सीधे ग्राउंड रिपोर्ट लेगा और किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत एक्शन सुनिश्चित करेगा।
विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी
मतदाताओं और राजनीतिक दलों की सहायता के लिए वेस्ट बंगाल सेक्टर के सीआरपीएफ आईजी (राज्य फोर्स को-ऑर्डिनेटर) ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यदि मतदान के दिन कहीं भी हिंसा या धांधली की शिकायत हो, तो इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
मोबाइल: 8420272101, 8420272343
लैंडलाइन: 033-23671117
पहले चरण के शांतिपूर्ण अनुभव के बाद, अब सबकी नजरें कल होने वाले मतदान पर टिकी हैं। क्या चुनाव आयोग इस अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के दम पर दूसरे चरण को भी 'जीरो वायलेंस' बनाने में सफल होगा? यह कल शाम तक स्पष्ट हो जाएगा।