बर्धमान/बांकुरा: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संपन्न होने के बाद अब सारा ध्यान मतगणना केंद्रों (Counting Centers) की सुरक्षा पर केंद्रित है। बुधवार रात से ही कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम (EVM) को जिलों के डीसीआरसी (DCRC) केंद्रों से स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचा दिया गया है।
पूर्व बर्धमान: त्रिस्तरीय सुरक्षा और जायंट स्क्रीन की व्यवस्था
पूर्व बर्धमान की जिलाधिकारी श्वेता अग्रवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जिले के चारों मतगणना केंद्रों पर अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा घेरा: स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्ट्रॉन्ग रूम के ठीक बाहर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की एक प्लाटून तैनात है। दूसरे और तीसरे घेरे की जिम्मेदारी राज्य पुलिस के सशस्त्र जवानों को दी गई है।
विकेंद्रीकरण: जिले में गणना को चार केंद्रों में बांटा गया है— बर्धमान यूआईटी (UIT), एमबीसी इंजीनियरिंग कॉलेज, कालना कॉलेज और कटवा कॉलेज।
पारदर्शिता: कटवा कॉलेज में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्ट्रॉन्ग रूम सील किए गए हैं। उम्मीदवारों की सुविधा के लिए तीन बड़ी जायंट स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि वे स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर की हलचल देख सकें।
EVM शिकायतें: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में केवल 21 ईवीएम खराब हुई थीं, जिन्हें तुरंत बदल दिया गया और सभी शिकायतों का समाधान कर लिया गया है।
बांकुरा: मुख्य निर्वाचन अधिकारी का दौरा
आज, शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल बांकुरा के दौरे पर हैं। वे दोपहर में हेलीकॉप्टर से बांकुरा विश्वविद्यालय और बिष्णुपुर केजी इंजीनियरिंग कॉलेज के मतगणना केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे हैं। खातरा आदिवासी महाविद्यालय में भी गणना के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार रखा गया है।सीईओ का यह दौरा संकेत देता है कि चुनाव आयोग सुरक्षा और पारदर्शिता के मामले में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। फिलहाल, उम्मीदवारों का राजनीतिक भाग्य सीलबंद स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर बंद है।