पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। एक तरफ माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट पर भाजपा ने रिकॉर्ड 1,04,265 वोटों के विशाल अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की, तो दूसरी ओर सतगछिया सीट पर मात्र 401 वोटों का बेहद करीबी अंतर देखने को मिला। कई सीटों पर जीत-हार का फैसला हजार वोटों से भी कम अंतर पर हुआ, जिससे चुनावी रोमांच और बढ़ गया।
सबसे बड़ी जीत: नक्सलबाड़ी में भाजपा की ऐतिहासिक बढ़त
नक्सलबाड़ी (माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र) में भाजपा उम्मीदवार ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 1,04,265 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस सीट पर भाजपा की यह जीत उत्तर बंगाल में पार्टी की मजबूत पकड़ को और स्पष्ट करती है। लाखों वोटों के समर्थन के साथ यह इस चुनाव की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।
सबसे करीबी मुकाबला: सिर्फ 401 वोटों से फैसला
सतगछिया विधानसभा सीट पर मुकाबला बेहद कांटे का रहा। यहां भाजपा उम्मीदवार ने मात्र 401 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। दिलचस्प बात यह है कि इस सीट पर जीत के अंतर से ज्यादा वोट नोटा (NOTA) को मिले, जिससे मतदाताओं की नाराजगी भी साफ झलकती है।
अन्य करीबी सीटें भी बनी चर्चा का विषय
इंडस सीट पर लगभग 900 वोटों का अंतर रहा, जहां भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को हराया। वहीं रैना सीट पर भी 834 वोटों के बेहद छोटे अंतर से फैसला हुआ। कई सीटों पर मुकाबला इतना टाइट रहा कि अंतिम राउंड तक नतीजे बदलते रहे।
चुनाव का बड़ा राजनीतिक संदेश
इस चुनाव में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच वोट प्रतिशत का अंतर भले ही कम रहा हो, लेकिन सीटों का अंतर बड़ा रहा। यह चुनाव दिखाता है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में अब हर वोट बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।