कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के संपन्न होने के बाद, अब सबकी नजरें ईवीएम (EVM) की सुरक्षा पर टिकी हैं। निर्वाचन आयोग ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक त्रिस्तरीय (Three-tier) सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया है।
आयोग के अधिकारी करेंगे 24 घंटे निगरानी
सुरक्षा के नए नियमों के तहत, अब स्ट्रॉन्ग रूम के सामने केवल पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि चुनाव आयोग द्वारा नामित एक अधिकारी 24 घंटे तैनात रहेगा। यह अधिकारी रिटर्निंग ऑफिसर (RO) या असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) द्वारा नियुक्त किया जाएगा। यदि किसी को स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में प्रवेश करना है, तो उसे इस विशेष अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र और CAPF की तैनाती
स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है:
प्रथम स्तर: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) द्वारा 24 घंटे पहरा।
द्वितीय स्तर: राज्य सशस्त्र पुलिस की तैनाती।
तृतीय स्तर: स्थानीय पुलिस द्वारा बाहरी घेरे की निगरानी।
आयोग ने स्ट्रॉन्ग रूम के घेरे में केंद्रीय बलों की संख्या को और बढ़ाने का फैसला किया है।
सीसीटीवी और तकनीकी निगरानी
पूरे स्ट्रॉन्ग रूम परिसर, विशेषकर प्रवेश द्वार और गलियारों में 24x7 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों का लाइव फीड निरंतर मॉनिटर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, स्ट्रॉन्ग रूम के चारों ओर घेराबंदी की गई है और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाइक पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की गई है।
उम्मीदवारों और प्रतिनिधियों की भागीदारी
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ही स्ट्रॉन्ग रूम को सील किया गया है। प्रार्थी या उनके अधिकृत प्रतिनिधि भी स्ट्रॉन्ग रूम के बाहरी परिधि में रहकर निगरानी कर सकते हैं।