Chennai | भारत में पवन ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में नई तकनीक, निवेश और विनिर्माण की संभावनाओं पर चर्चा के लिए ‘Windergy India 2026’ का आयोजन चेन्नई में किया जा रहा है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी 8 अक्टूबर 2026 को चेन्नई ट्रेड सेंटर में Windergy India के 8वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन भारत के प्रमुख पवन ऊर्जा कार्यक्रमों में शामिल है।
7 से 9 अक्टूबर तक चलेगा Windergy India 2026
Windergy India 2026 का आयोजन 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। तीन दिन के इस आयोजन में व्यापार मेले के साथ सम्मेलन, तकनीकी सत्र, राउंड टेबल चर्चा, लाइव प्रदर्शन और बिजनेस मीटिंग्स आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में B2B और B2G बैठकें भी होंगी, जिनमें उद्योग, सरकार और अन्य संबंधित पक्ष पवन ऊर्जा क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे केंद्रीय और राज्य मंत्री
उद्घाटन समारोह में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक और तमिलनाडु सरकार के ऊर्जा संसाधन एवं कानून मंत्री थिरु सी.टी.आर. निर्मल कुमार भी शामिल होंगे। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, पवन ऊर्जा से जुड़े संगठन, उद्योग प्रतिनिधि और क्षेत्र के विशेषज्ञ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान पवन ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े ग्लोबल एमओयू की घोषणाएं और प्रमुख रिपोर्ट जारी की जाएंगी। साथ ही पवन ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले राज्यों को सम्मानित किया जाएगा।
भारत की पवन ऊर्जा क्षमता 58.52 GW पहुंची
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 6.05 गीगावॉट पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी। इसके साथ अगस्त 2026 तक देश की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 58.52 गीगावॉट हो गई है। भारत पवन ऊर्जा क्षमता को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। करीब 28 गीगावॉट अतिरिक्त क्षमता हासिल करने की दिशा में परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। इसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक 100 गीगावॉट पवन ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना है।
20 से ज्यादा देशों के 400 प्रदर्शक होंगे शामिल
Windergy India 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पवन ऊर्जा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें 20 से अधिक देशों के करीब 400 वैश्विक प्रदर्शक और 500 प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में डेनमार्क, जर्मनी और स्पेन के विशेष देश मंडप भी बनाए जाएंगे। इन मंडपों के जरिए पवन ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न देशों की तकनीक, उत्पाद और विशेषज्ञता को प्रदर्शित किया जाएगा।
अगली पीढ़ी की विंड टर्बाइन तकनीक पर फोकस
इस बार सम्मेलन में पवन ऊर्जा क्षेत्र की नई तकनीकों और विनिर्माण क्षमता पर विशेष जोर रहेगा। इसमें घरेलू स्तर पर मूल्यवर्धन, अगली पीढ़ी के उन्नत टरबाइन प्लेटफॉर्म और हेवी-ड्यूटी गियरबॉक्स जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा AI आधारित ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) तकनीक और ऑफशोर पवन ऊर्जा क्षमता भी चर्चा के प्रमुख विषय रहेंगे।
ऑफशोर विंड एनर्जी पर भी होगी चर्चा
सम्मेलन में भारत में ऑफशोर पवन ऊर्जा के विस्तार की संभावनाओं पर भी उच्चस्तरीय चर्चा होगी। इसके साथ पवन ऊर्जा क्षेत्र की योजना, विनिर्माण में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, उद्योग को मजबूत बनाने और भविष्य की तकनीकी जरूरतों पर विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे।
पवन ऊर्जा उद्योग के लिए ग्लोबल प्लेटफॉर्म
Windergy India 2026 के जरिए भारत में पवन ऊर्जा से जुड़े निर्माताओं, तकनीकी कंपनियों, निवेशकों, सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में होने वाली B2B और B2G बैठकों के जरिए कारोबार, निवेश, तकनीकी सहयोग और नई परियोजनाओं की संभावनाओं पर चर्चा होगी। ऐसे में Windergy India 2026 को भारत के बढ़ते पवन ऊर्जा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण वैश्विक मंच के तौर पर देखा जा रहा है।