


उत्तराखंड में तबाही का सिलसिला जारी है। चमोली जिले के तहसील देवाल के मोपाटा में एक बार फिर बादल फटा है, जिसमें दो लोगों के लापता होने की सूचना है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया है। वहीं, केदारघाटी के लवारा गांव में पुल बह जाने से छेनागाड़ क्षेत्र की स्थिति गंभीर हो गई है।
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी उफान पर
रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियाँ उफान पर हैं, जिनका पानी कई घरों में घुस गया है
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने बताया कि जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने से मलबा आया है, जिससे कई परिवार फंसे हैं। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं और खुद भी लगातार संपर्क में हैं।
अलकनंदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। नदी का पानी कई आवासीय घरों तक पहुंच गया है, जिसके कारण प्रभावित इलाकों के लोगों को खाली कराया गया है। रुद्रप्रयाग का प्रसिद्ध हनुमान मंदिर भी नदी में डूब गया है।
केदारघाटी में पुल बहा
केदारघाटी के लवारा गांव में मोटरमार्ग पर बना पुल तेज बहाव में बह गया है, जिससे छेनागाड़ क्षेत्र की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन राहत और बचाव के लिए त्वरित कार्रवाई कर रहा है।