Jaipur: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Gehlot) ने चुनाव से पहले एक बड़ा दांव चल दिया है। इससे उन्होंने एक तीर से दो निशाना लगा दिया है। टीएसपी क्षेत्र में Non-TSP क्षेत्र के कमर्चारी बहुत सालों से ट्रांसफर की मांग कर रहे थे। जिसके लिए आज मुख्यमंत्री ने आदेश जारी कर दिया है। इसे बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है। बड़ी संख्या में इसमें टीचर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने ट्वीट करके जानकारी दी है।
ट्वीट कर दी जानकारी
उन्होंने ट्वीट किया है कि लंबे समय से TSP क्षेत्र में कार्य कर रहे Non-TSP क्षेत्र के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांग को पूरा करते हुए प्रारंभिक एव माध्यमिक शिक्षा के अनुसूचित क्षेत्र (TSP एरिया) में कार्यरत अध्यापक लेवल-1 एवं 2 के 1903 अध्यापकों का दिये गये विकल्प की प्राथमिकता अनुसार गैर अनुसूचित क्षेत्र (Non-TSP) में समायोजन के लिए आदेश जारी किए गये हैं। इन रिक्त पदों पर अब TSP क्षेत्र के निवासियों की भर्ती वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया से की जाएगी। इससे वहां की राजनीति में असर पड़ सकता है।
टीएसपी क्षेत्र में टीचर की भर्ती
टीएसपी क्षेत्र में कुल 1903 नॉन टीएसपी क्षेत्र (CM Gehlot) के अध्यापकों को नौकरी दी गई थी। अब सरकार बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सिरोही में शिक्षकों की नई भर्ती कर रही है। उसके बाद वहां से 1903 नॉन टीएसपी क्षेत्र के शिक्षकों को राहत मिल गई है। ये अब सीकर, झुंझुंनू, जयपुर आदि जिलों में जा सकेंगे। इसके साथ ही इनके वरिष्ठता पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार से इन शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग थी। इसलिए अब इसे बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
यह मांग थी तो उन्हें राहत मिल गई
कांग्रेस के प्रवक्ता और प्रदेश महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी का कहना है कि ये कर्मचारियों की मांग थी उन्हें इसलिए ये दिया गया है। इससे कर्मचारी खुश है। उन्हें हित में निर्णय लिया गया है।
इन जिलों में पड़ेगा प्रभाव
उन्होंने ट्वीट किया है कि लंबे समय से TSP क्षेत्र में कार्य कर रहे Non-TSP क्षेत्र के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांग को पूरा करते हुए प्रारंभिक एव माध्यमिक शिक्षा के अनुसूचित क्षेत्र (TSP एरिया) में कार्यरत अध्यापक लेवल-1 एवं 2 के 1903 अध्यापकों का दिये गये विकल्प की प्राथमिकता अनुसार गैर अनुसूचित क्षेत्र (Non-TSP) में समायोजन के लिए आदेश जारी किए गये हैं। इन रिक्त पदों पर अब TSP क्षेत्र के निवासियों की भर्ती वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया से की जाएगी। इससे वहां की राजनीति में असर पड़ सकता है।