Jaipur: राजस्थान में लाल डायरी पर सियासत लगातार जारी हैं। लेकिन (Rajendra Gudha) अब इसने एक और नया मोड़ ले लिया जिसके चलते एक नया बवाल खड़ा हो गया है। बता दें कि बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा सीएम और सरकार के मंत्रियों पर लगातार हमलावर हैं। गुढ़ा ने अपने विधानसभा क्षेत्र में चल रही ऊंटगाड़ी यात्रा से ब्रेक लेकर जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लाल डायरी के तीन पेज रिलीज कर दिए हैं। गुढ़ा ने कहा है कि मैं सरकार को नहीं सरकार मुझे ब्लैकमेल कर रही है। बर्खास्त मंत्री ने दावा किया कि इस डायरी में मुख्यमंत्री के करीबी धर्मेंद्र राठौड़ की ही हैंडराइटिंग है। डायरी में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के लेनदेन की बातें कोडवर्ड में हैं और वैभव गहलोत सहित मुख्यमंत्री के सचिव को लेकर भी बातें लिखी गई हैं।
तीन पेज में लिखी ये मुख्य बातें
वैभव जी और मेरी दोनों की RCA चुनाव खर्चे को लेकर चर्चा हुई कि किस तरह भवानी सामोता किस तरह तय करके भी लोगों के पैसे नहीं दे रहा है....घर पर राजीव खन्ना और भवान सामोता आए, आरसीए चुनाव का हिसाब किया...भवानी सामोता ने ज्यादातर लोगों से जो वादा किया है वो पूरा नहीं किया है...मैंने कहा यह ठीक नहीं है... आप इसे पूरा करो तो भवानी सामोता ने कहा कि मैं सीपी साहब की जानकारी में डालता हूं...फिर आपको 31 जनवरी तक बताता हूं...
(भवानी सामोता पूर्व आरएएस और वर्तमान में आरसीए के सचिव हैं। दावा किया जाता है कि वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी के करीबी हैं)
गुढ़ा ने रंधावा पर लगाए ये आरोप
पूर्व मंत्री ने कहा कि मुझे सरकार जेल में डाल देगी तो कोई और (Rajendra Gudha) इस पर जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि इसमें धमेंद्र राठौड़ की हैंडराइटिंग है, मैं इस डायरी के पन्नों पर लगातार खुलासे करता रहूंगा, जेल गया तो मेरा विश्वस्त व्यक्ति आप तक इन पन्नों को पहुंचाता रहेगा। गुढ़ा ने कहा कि आज दिखाए गए पेजों पर आरसीए के करप्शन और लेनदेन का साफ उल्लेख है। मैं सरकार को नहीं बल्कि सरकार मुझे ब्लैकमेल कर रही है और रंधावा ने मुझ पर माफी मांगने के लिए दबाव भी बनाया था। पूर्व मंत्री ने कहा कि मैं इस डायरी को विधानसभा में टेबल करना चाह रहा था। जिससे सारे तथ्य आधिकारिक रूप से सामने आ जाएं।
24 जुलाई से शुरू हुई लाल डायरी पर सियासत
बता दें कि राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने मंत्री पद से बर्खास्त होने के बाद सदन में लाल डायरी लहराकर हलचल मचा दी थी। 24 जुलाई को गुढ़ा लाल डायरी लेकर स्पीकर के सामने चले गए थे। संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल की टेबल पर जाकर उनका माइक नीचे कर दिया था। इस दौरान कांग्रेस विधायकों से उनकी धक्का मुक्की हुई थी। इस घटना पर गुढ़ा को पूरे सेशन के लिए सदन से सस्पेंड कर दिया था। गुढ़ा के साथ बीजेपी विधायक मदन दिलावर को भी सस्पेंड किया गया था।