Jaipur: केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा दायर मानहानि मामले में आखिरकार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Gehlot) सात अगस्त सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। सीएम गहलोत ने पेशी से छूट के लिए सेशन कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन उन्हें कोर्ट से राहत नहीं मिली थी।
21 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
मुख्यमंत्री (CM Gehlot) वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सोमवार को कोर्ट की प्रक्रिया में शामिल हुए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी। राउज एवेन्यू कोर्ट में मामले की सुनवाई एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) हरजीत सिंह जसपाल ने की। केंद्रीय मंत्री शेखावत के वकील आदित्य विक्रम सिंह ने बताया कि मानहानि मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को अदालत में पेश हुए. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण अदालत से किसी भी आदेश के अभाव में सीएम गहलोत को अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा और कोर्ट के निर्देशानुसार जमानत बाॉन्ड जमाकर जमानत लेनी होगी।
जानें क्या है पूरा मामला
बता दें कि केंद्रीय मंत्री शेखावत ने संजीवनी घोटाले में उन्हें और उनके परिवार को आरोपी बताने के मामले में सीएम गहलोत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया है, जिस पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने छह जुलाई को सीएम को समन जारी किया था। सीएम ने इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिली थी। उन्हें सिर्फ व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेशी से छूट मिली थी। कोर्ट ने मुख्यमंत्री को वर्चुअली पेश होने की मंजूरी दी थी।
गौरतलब है कि चंद महीने पहले जोधपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विवादित बयान दिया था। मुख्यमंत्री ने संजीवनी घोटाले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और उनके परिवार का नाम लिया था। मुख्यमंत्री के बयान के बाद शेखावत ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मानहानि का मामला दायर किया था।