नवरात्रि का पर्व माता दुर्गा के भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान माता के नौ रूपों की विधिपूर्वक पूजा की जाती है और भक्त व्रत रखते हैं। इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च, शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होकर 27 मार्च, राम नवमी तक चलेगी।
माता दुर्गा का पृथ्वी लोक पर आगमन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में माता रानी अपने भक्तों के दुख और संकट हराने के लिए पृथ्वी लोक पर आती हैं। इस साल माता दुर्गा पालकी पर सवार होकर धरती पर आएंगी, जबकि प्रस्थान के समय वे हाथी पर सवार होंगी।
पालकी पर आगमन: क्या है महत्व?
चैत्र नवरात्रि में माता का पालकी पर आना अशुभ संकेत माना जाता है। परंपरा के अनुसार, ऐसा होने पर देश या दुनिया महामारी या बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। साथ ही व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए भी इसे शुभ नहीं माना जाता।
मां दुर्गा का वाहन कैसे तय होता है?
मां दुर्गा का पारंपरिक वाहन सिंह (शेर) है। नवरात्रि के दौरान उनके वाहन का चयन दिन और वार के अनुसार किया जाता है। यदि नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार या शुक्रवार से होती है, तो माता पालकी पर सवार होकर पृथ्वी लोक पर आती हैं। इस साल चैत्र नवरात्रि गुरुवार से शुरू हो रही है, इसलिए माता रानी पालकी पर सवार होंगी।
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