New Delhi | शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू होती है। नौ दिनों तक देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई के साथ सात्विक वातावरण बनाए रखना शुभ माना जाता है। नवरात्रि की पूजा बिना किसी परेशानी के पूरी हो, इसके लिए कई लोग पहले से ही घर की सफाई, पूजा सामग्री और अन्य तैयारियां पूरी कर लेते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ ऐसे काम भी हैं जिन्हें नवरात्रि के दौरान करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए इन कामों को नवरात्र शुरू होने से पहले पूरा कर लेना बेहतर माना जाता है।
1. नवरात्रि से पहले करें घर की सफाई
नवरात्रि शुरू होने से पहले पूरे घर की अच्छी तरह सफाई कर लें। घर के कोने-कोने, पूजा स्थल, रसोई और अन्य स्थानों की डीप क्लीनिंग कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि देवी मां का वास स्वच्छ और पवित्र स्थान पर होता है। इसलिए सफाई के साथ घर में रखी टूटी-फूटी और अनुपयोगी वस्तुओं को भी हटा देना चाहिए।
2. पूजा स्थल और पूजा सामग्री पहले से तैयार करें
नवरात्रि से पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई कर लें। देवी-देवताओं के वस्त्र, पूजा के बर्तन और चौकी आदि को साफ कर लें। पूजा सामग्री की भी पहले से जांच कर लें और जो सामान खत्म हो गया है, उसकी सूची बनाकर खरीदारी पूरी कर लें। यदि घर में घटस्थापना और अखंड ज्योति की परंपरा है तो उससे जुड़ी सामग्री भी एक दिन पहले तैयार रखना सुविधाजनक रहता है। पूजा के लिए साफ चौकी, कलश, मिट्टी, जौ और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पहले से कर लेने से पूजा के समय जल्दबाजी नहीं होगी।
3. घर से तामसिक भोजन की चीजें अलग रखें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान सात्विक भोजन को प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए जिन घरों में नवरात्रि के दौरान व्रत या विशेष पूजा होती है, वहां मांसाहार और शराब जैसी चीजों को पूजा स्थल से दूर रखने की परंपरा है। कई परिवार नवरात्रि के दौरान लहसुन-प्याज का भी सेवन नहीं करते। यदि घर में इसका इस्तेमाल होता है तो इन्हें पूजा स्थल या भोग तैयार करने वाली जगह से अलग रखना उचित माना जाता है।
4. भोग और व्रत के भोजन के लिए अलग बर्तन रखें
जिन घरों में सामान्य दिनों में मांसाहारी भोजन तैयार किया जाता है, वहां नवरात्रि के दौरान भोग, प्रसाद और व्रत का भोजन बनाने के लिए अलग बर्तनों की व्यवस्था की जा सकती है।
धार्मिक परंपरा में पूजा और भोग के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की स्वच्छता को विशेष महत्व दिया जाता है। इसलिए नवरात्रि शुरू होने से पहले पूजा और व्रत के भोजन के लिए जरूरी बर्तन अलग करके साफ कर लेना बेहतर रहेगा।
5. बाल और नाखून काटने का काम पहले कर लें
कई धार्मिक परंपराओं में नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान बाल और नाखून काटने से बचने की मान्यता है। खासकर व्रत रखने वाले लोग इस दौरान बाल और नाखून न काटने की परंपरा का पालन करते हैं। इसलिए यदि आप इस धार्मिक परंपरा का पालन करते हैं तो नवरात्रि शुरू होने से पहले बाल और नाखून काटने जैसे जरूरी काम पूरे कर लेना बेहतर माना जाता है।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
11 अक्टूबर 2026 को घटस्थापना के लिए दिए गए मुहूर्त के अनुसार:
- सुबह का शुभ मुहूर्त: सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
मुहूर्त स्थान और पंचांग के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
ध्यान रखें
घर की सफाई, पूजा सामग्री की तैयारी और सात्विक भोजन जैसी व्यवस्थाएं धार्मिक परंपराओं और परिवार की मान्यताओं पर निर्भर करती हैं। इन्हें अनिवार्य नियम के बजाय धार्मिक मान्यता और परंपरा के रूप में समझना चाहिए।