एशियन गेम्स 2026 के तेरहवें दिन भारत का दमदार प्रदर्शन जारी है। दिन की शुरुआत तीरंदाजी में गोल्ड मेडल के साथ हुई। भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने कॉन्टिनेंटल इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में इतिहास रचा। रोमांचक फाइनल में खिताब की प्रबल दावेदार दक्षिण कोरिया को पांच-तीन से हराया। अंकिता भकत कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की भारतीय टीम ने दस बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की टीम को मात दी। इसके बाद तीरंदाजी में ही भारत को दिन का दूसरा मेडल सिल्वर के रूप में मिला। कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवरा की जोड़ी फाइनल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इस जीत ने भारतीय तीरंदाजी की ताकत को वैश्विक स्तर पर साबित किया।
रेसलिंग में सुजीत कलकल की शानदार वापसी
भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने दमदार वापसी करके एशियाई खेलों में पुरुषों के फ्रीस्टाइल पैंसठ किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुदिएव को दस-नौ से हराया। इससे पहले सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन कोटारा कियूका को तीन-तीन से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। उनकी इस जीत ने भारत को पचहत्तरवां पदक दिलाया। सुजीत की मेहनत और रणनीतिक खेल ने पूरे देश को गर्व से भर दिया। रेसलिंग में यह स्वर्ण पदक भारतीय दल के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। युवा पहलवान की यह उपलब्धि भविष्य के लिए प्रेरणादायक है।
मुक्केबाजी में कई स्वर्ण पदक
मुक्केबाजी में लवलीना चमकीं। जन्मदिन के खास मौके पर उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एशियाई खेलों में महिलाओं की पैंसठ किलोग्राम स्पर्धा में चीनी ताइपे की नियेन चिन चेन को तीन-दो से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने पुरुषों के अस्सी किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। अंकुश ने फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसोंग को हराया। उन्होंने सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के मौजूदा पचहत्तर किलोग्राम वर्ल्ड चैंपियन फजलिद्दीन एर्किनबोएव को चार-एक से हराया था। मुक्केबाजी में भारत का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।
अन्य खेलों में भी पदक की बरसात
सेलिंग में भारत को नेत्रा कुमानन ने ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। तीरंदाजी में पुरुषों के रिकर्व टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। सेपकटकराव में भारतीय मेंस टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। इन उपलब्धियों ने भारतीय दल की विविधता और ताकत को दिखाया। अलग-अलग खेलों में पदक जीतकर खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया। तेरहवें दिन का यह प्रदर्शन पदक तालिका में भारत की स्थिति को और मजबूत करने वाला साबित हुआ। खिलाड़ियों की मेहनत और कोचिंग स्टाफ के मार्गदर्शन का परिणाम साफ दिख रहा है।
भारत का समग्र प्रदर्शन और आगे की उम्मीद
एशियन गेम्स 2026 में भारत लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। तीरंदाजी में इतिहास रचने वाली महिला टीम से लेकर रेसलिंग और मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक तक कई उपलब्धियां दर्ज हुईं। सुजीत कलकल की वापसी और कई मुक्केबाजों की जीत ने पूरे देश में उत्साह भर दिया है। पदक तालिका में पचहत्तरवें मेडल तक पहुंचना भारतीय खेलों के लिए गर्व का विषय है। आगे के दिनों में भी खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जगा रहे हैं। यह सफलता भारतीय खेलों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।