चंडीगढ़ - भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरे वनडे मुकाबले में टीम इंडिया को हराकर वेस्टइंडीज ने क्लीन स्वीप का खतरा टाल दिया। न्यू चंडीगढ़ में खेले गए इस मैच में कप्तान शाई होप ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 162 रन बनाए और अपनी टीम को पांच विकेट से जीत दिलाई। मुकाबले के बाद होप ने अपनी यादगार पारी के पीछे की एक खास वजह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी से मिली एक सलाह ने उन्हें बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय धैर्य बनाए रखने में मदद की।
धोनी की इस सलाह को याद कर संभाली पारी
मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बातचीत में शाई होप ने कहा कि उनकी एमएस धोनी के साथ अच्छी बातचीत हुई थी। उस दौरान धोनी ने उन्हें समझाया था कि बल्लेबाज के पास अक्सर उतना समय होता है, जितना वह खुद सोचता भी नहीं है।
होप के मुताबिक, इस सलाह को याद रखते हुए उन्होंने नतीजे की चिंता करने के बजाय अपनी बल्लेबाजी की प्रक्रिया पर ध्यान दिया। उन्होंने बड़े लक्ष्य को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा और हर चरण के हिसाब से रन बनाने की रणनीति अपनाई। इससे उन्हें दबाव के बीच भी संयम बनाए रखने में मदद मिली।

352 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जड़ा शतक
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केएल राहुल के नाबाद 129 और रोहित शर्मा के 92 रनों की मदद से 50 ओवर में सात विकेट पर 351 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज को मजबूत शुरुआत की जरूरत थी। ऐसे में शाई होप ने जिम्मेदारी संभाली और पारी को आगे बढ़ाया।
उन्होंने 143 गेंदों पर नाबाद 162 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 17 चौके और तीन छक्के निकले। दूसरे छोर पर आमिर जांगू ने 67 रनों की उपयोगी पारी खेली। दोनों के योगदान से वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

लगातार दूसरे वनडे में लगाया शतक
शाई होप का इस सीरीज में यह लगातार दूसरा शतक था। इससे पहले उन्होंने दूसरे वनडे में भी भारत के खिलाफ शतकीय पारी खेली थी। तीसरे मुकाबले में उनकी 162 रनों की पारी ने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि वेस्टइंडीज के लिए वनडे क्रिकेट में सबसे बड़े सफल रन चेज का नया रिकॉर्ड भी बनाया।इस जीत के बावजूद तीन मैचों की सीरीज भारत ने 2-1 से अपने नाम की। शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर भारतीय टीम पहले ही सीरीज पर कब्जा जमा चुकी थी।
टीम की बल्लेबाजी से खुश दिखे कप्तान
होप ने जीत के बाद कहा कि उनकी टीम सीरीज का समापन अच्छे अंदाज में करना चाहती थी। उन्होंने माना कि टीम के पास एक बल्लेबाज कम था और ऐसी स्थिति में लक्ष्य का पीछा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता था। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने अपनी भूमिका निभाई।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने निरंतरता दिखाने की कोशिश की है। भारत की परिस्थितियों में बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिचों पर भी गेंदबाजों को अपनी क्षमता दिखानी होती है और गलतियों की गुंजाइश कम रहती है। होप के अनुसार, इस सीरीज से उनकी टीम को गेंदबाजी के लिहाज से भी कई अहम सीख मिली हैं।
शाई होप की यह पारी दिखाती है कि बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय धैर्य और सही रणनीति कितनी अहम हो सकती है। धोनी की सलाह को याद रखते हुए उन्होंने दबाव को छोटे हिस्सों में बांटा और वेस्टइंडीज को यादगार जीत दिलाई।