ईरान में सुप्रीम लीडर अत्ताउल्लाह खामेनेई की मौत की खबर आते ही पूरा देश उथल-पुथल में है। एक तरफ शासन तंत्र में मातम पसरा है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों का एक वर्ग इसे लंबे समय से चले आ रहे दमन के अंत के रूप में देख रहा है। इसी माहौल में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हो चुकी हैं, जिनमें खुले तौर पर खुशी का इज़हार किया जा रहा है।
अदाकारा ने डांस करते हुए मनाया जश्न
ईरान मूल की अभिनेत्री एलनाज नोरौजी ने खामेनेई की मौत के बाद एक वीडियो शेयर कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ‘गिव इट टू हर’ सॉन्ग पर डांस करते हुए एक क्लिप पोस्ट की। वीडियो में वह झूमते, मुस्कुराते और खुलकर जश्न मनाती नजर आ रही हैं। यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो चुका है और इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
‘हम एक तानाशाह की मौत का जश्न मना रहे हैं’
वीडियो के साथ एलनाज ने कैप्शन लिखा, “हम एक तानाशाह की मौत का जश्न मना रहे हैं दोस्तों। खामेनेई चला गया।” इसके अलावा उन्होंने यह भी लिखा कि कई लेफ्ट विचारधारा वाले लोग कभी उनसे असहमत रहते थे, लेकिन अब उन्हें उनकी बात सच लग रही है। अदाकारा के इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस को और तेज कर दिया है।
'तेहरान' सीरीज़ से पहचान और वर्षों से उठती रही आवाज
एलनाज नोरौजी ने अंतरराष्ट्रीय पहचान मुख्यतः वेब सीरीज Tehran से हासिल की थी। वह लंबे समय से ‘फ्री ईरान’ आंदोलन का समर्थन करती रही हैं और कई मौकों पर ईरान में महिलाओं की स्वतंत्रता, मानवाधिकार और राजनीतिक दमन के खिलाफ अपनी आवाज उठाती रही हैं। खामेनेई की मौत पर उनकी यह प्रतिक्रिया किसी हैरानी की बात नहीं मानी जा रही, क्योंकि वह हमेशा से खुलकर अपनी राय रखती रही हैं।
कभी भारत की तरह विविधता से भरा था ईरान
कुछ समय पहले ही एलनाज ने एक भावुक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान कभी भारत की तरह विविध, सांस्कृतिक और खुले समाज वाला देश था। लेकिन नई सत्ता के आने के बाद ‘एक धर्म’ को थोपने, स्वतंत्रता सीमित करने और महिलाओं के अधिकारों को कुचलने की नीतियां लागू की गईं। उनका दावा था कि आज ईरान के आम लोग भय, सेंसरशिप और धार्मिक नियंत्रण के बीच जीने को मजबूर हैं।
जश्न और दुख के बीच बंटा ईरान का समाज
सुप्रीम लीडर की मौत ने ईरानी समाज को दो भागों में बांट दिया है। एक वर्ग इसे राजनीतिक संक्रमण का दौर मान रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे संभावित बदलाव की उम्मीद के रूप में देख रहा है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि आने वाले दिनों में देश की राजनीति किस दिशा में जाएगी, लेकिन यह तय है कि मौजूदा घटनाक्रम ने दुनिया भर में बहस को तेज कर दिया है।
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