नई दिल्ली. देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मौसम अब तेजी से करवट लेने जा रहा है। हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विज्ञान से जुड़े आकलनों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है, जिससे गर्मी का असर अधिक तीव्र हो जाएगा। अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा इस बार सामान्य से अधिक तपिश लेकर आने वाला है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
उत्तर भारत में बढ़ेगी गर्मी की तीव्रता
उत्तर प्रदेश सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में गर्मी अब तेजी से अपने चरम की ओर बढ़ेगी। अब तक चल रही हल्की हवाएं कुछ राहत दे रही थीं, लेकिन उनके थमने के साथ ही गर्म हवाओं का प्रभाव बढ़ जाएगा। दोपहर के समय लू जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना है, जिससे बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ से सीमित राहत
हालांकि बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे, लेकिन उनका असर सीमित रहने की संभावना है। 15 से 18 अप्रैल के बीच कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और आंधी देखने को मिल सकती है। चंडीगढ़ सहित कुछ इलाकों में तेज बारिश की संभावना भी जताई गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि यह राहत अस्थायी होगी और तापमान में स्थायी गिरावट की उम्मीद नहीं है।
मध्य भारत में गंभीर होती स्थिति
मध्य प्रदेश में गर्मी का प्रभाव और अधिक गंभीर होता दिखाई दे रहा है। कई जिलों में तापमान पहले ही 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ग्वालियर और भोपाल जैसे शहरों में तापमान 44 से 45 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। मालवा और विंध्य क्षेत्र विशेष रूप से लू की चपेट में रह सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी असर
पूर्वोत्तर राज्यों में 19 अप्रैल तक बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे वहां का मौसम कुछ हद तक संतुलित बना रहेगा। वहीं दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के बावजूद गर्मी और उमस का प्रभाव बना रहेगा। इस प्रकार देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम की स्थिति अस्थिर बनी रहेगी।
आने वाले दिनों के लिए सतर्कता जरूरी
मौसम में इस बदलाव के चलते लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान के बीच स्वास्थ्य का ध्यान रखना अनिवार्य हो गया है। पर्याप्त पानी का सेवन और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचाव ही इस समय सबसे प्रभावी उपाय साबित हो सकता है।