उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में बुधवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। राजधानी लखनऊ स्थित टाटा मोटर्स प्लांट में निर्मित 10 लाखवीं कमर्शियल गाड़ी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस मौके पर टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी मौजूद रहेंगे।
ग्रीन मोबिलिटी की ओर बड़ा कदम
यह खास माइलस्टोन वाहन एक जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बस है, जो ग्रीन मोबिलिटी के प्रति सरकार और कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के नेट-जीरो 2070 लक्ष्य और कंपनी के 2045 के विजन के अनुरूप है।
ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की दिशा में बढ़त
राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। औद्योगिक निवेश, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में यह उपलब्धि प्रदेश के औद्योगिक आत्मविश्वास को और मजबूती देगी।
तीन दशकों से विकास का केंद्र
1992 में स्थापित लखनऊ प्लांट पिछले तीन दशकों से प्रदेश के औद्योगिक विकास का प्रमुख आधार रहा है। यह प्लांट 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार दे रहा है और कौशल विकास के लिए ‘कौशल्या’, ‘लक्ष्य’ और ‘सक्षम’ जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है।
पर्यावरण संरक्षण में भी मिसाल
यह प्लांट 100% नवीकरणीय ऊर्जा पर संचालित होता है और जल-सकारात्मक सुविधा के रूप में पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण पेश करता है। यह उपलब्धि न सिर्फ टाटा मोटर्स के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।