अमरनाथ यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहती है। करीब 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह गुफा ‘बाबा बर्फानी’ के प्राकृतिक शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है। इस बार अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत 3 जुलाई 2026 से होगी और यह 28 अगस्त 2026 (रक्षा बंधन) तक चलेगी। कुल यात्रा अवधि 57 दिनों की होगी।
RFID कार्ड अनिवार्य किया गया
सुरक्षा कारणों से इस बार हर यात्री के लिए RFID कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। यह टैग गले में पहनना होगा, जिससे प्रशासन यात्रियों की लोकेशन ट्रैक कर सकेगा।
हेल्थ सर्टिफिकेट पर सख्ती
यात्रा में शामिल होने के लिए 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी किया गया स्वास्थ्य प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। यह केवल अधिकृत डॉक्टर या अस्पताल से ही बनवाना अनिवार्य है।
जरूरी दस्तावेज
यात्रा के लिए आधार कार्ड और रजिस्ट्रेशन स्लिप जरूरी होगी। इसी के आधार पर RFID कार्ड जारी किया जाएगा।
आयु सीमा और नियम
- 13 से 70 वर्ष के लोग ही यात्रा कर सकते हैं
- 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को अनुमति नहीं
- तय रूट और तारीख के अनुसार ही यात्रा करनी होगी
यात्रा रूट और व्यवस्था
यात्रा दो मार्गों से होती है—बालटाल और पहलगाम। परमिट में दिए गए रूट और समय का पालन अनिवार्य होगा।
धोखाधड़ी से बचने की सलाह
श्राइन बोर्ड ने सलाह दी है कि केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत बैंकों से ही रजिस्ट्रेशन करें। किसी एजेंट या फर्जी लिंक से बचें।
यात्रा से पहले तैयारी जरूरी
ऊंचाई और कम ऑक्सीजन को देखते हुए यात्रियों को शारीरिक तैयारी करनी चाहिए। गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां साथ रखना जरूरी है।