प्रयागराज: हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख अमावस्या 2026 का दिन अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जा रहा है। इस अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु प्रयागराज के पवित्र संगम तट पर पहुंचकर गंगा स्नान, दान और पितृ तर्पण कर रहे हैं। वैशाख अमावस्या पर स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है और व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है।
संगम तट पर उमड़ी भारी भीड़
प्रयागराज के संगम तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। लोग गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
पितृ तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व
घाटों पर पितरों की शांति के लिए पिंडदान और विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वैशाख अमावस्या पर किया गया तर्पण पितरों को मोक्ष और शांति प्रदान करता है।
वैशाख अमावस्या की धार्मिक मान्यता
पंडितों के अनुसार वैशाख मास में स्नान, दान और संयम का विशेष महत्व होता है। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन, वस्त्र और दान देने से जीवन में सुख-शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है।
श्रद्धालुओं की आस्था
श्रद्धालुओं का कहना है कि वे अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए परिवार सहित संगम पहुंचे हैं। सुबह से ही घाटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ रहा है और दूर-दूर से लोग पवित्र स्नान के लिए पहुंच रहे हैं।
वैशाख अमावस्या केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि आस्था, दान और पितृ तर्पण का महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन किया गया स्नान और दान जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है।