झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। दो सीटों पर होने वाले इस चुनाव में फिलहाल इंडिया गठबंधन संख्या बल के आधार पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है।
NDA की ‘ऑपरेशन लोटस’ रणनीति
कम संख्या होने के बावजूद NDA ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए चुनावी समीकरण बदलने की कोशिश में जुटा है। राजनीतिक गलियारों में इस रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
झामुमो के बदले रुख से बढ़ी हलचल
- Jharkhand Mukti Morcha (झामुमो) का हालिया रुख सहयोगी दलों के साथ पूरी तरह सहज नहीं दिख रहा है।
- बिहार में RJD से गठबंधन नहीं
- असम में कांग्रेस से दूरी
- बंगाल में TMC के समर्थन की तैयारी
- इन फैसलों से विपक्षी एकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिहार मॉडल दोहराने की कोशिश
NDA बिहार मॉडल की तर्ज पर झारखंड में भी एक सीट निकालने की रणनीति पर काम कर रहा है। पहले भी कम संख्या के बावजूद रणनीतिक तरीके से जीत हासिल की जा चुकी है।
2016 का चुनाव बना उदाहरण
2016 में NDA ने संख्या बल कम होने के बावजूद दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिससे इस बार भी पार्टी को उम्मीद है।
नाराज विधायकों पर नजर
NDA की नजर सत्तारूढ़ गठबंधन के नाराज विधायकों पर है। अगर क्रॉस वोटिंग होती है तो परिणाम बदल सकते हैं।
विधानसभा का गणित
- इंडिया गठबंधन: 56 विधायक
- झामुमो: 34
- कांग्रेस: 16
- राजद: 4
- माले: 2
- NDA: 24 विधायक
- भाजपा: 21
- आजसू: 1
- जदयू: 1
- एलजेपी: 1
- अन्य: 1
चुनाव में बढ़ेगी रोमांचकता
संख्या बल इंडिया गठबंधन के पक्ष में है, लेकिन NDA की रणनीति और राजनीतिक हलचल के चलते यह चुनाव काफी दिलचस्प और रोमांचक होने की संभावना है।