गुना | मध्य प्रदेश के गुना से बीजेपी विधायक पन्ना लाल शाक्य एक बार फिर अपने तीखे बयानों को लेकर चर्चा में आ गए हैं। मंगलवार को अंबेडकर जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विधायक शाक्य ने मंच से कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को खुली नसीहत दी। उन्होंने कहा कि “सांसद बाद में बनना, पहले यहां कुछ करके दिखाओ।” विधायक के इस बयान को कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों के बीच पहले से चली आ रही तनातनी से जोड़कर देखा जा रहा है।
गुनिया नदी और प्रशासनिक कार्यों का किया जिक्र
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शाक्य ने कहा कि वर्तमान में कलेक्टर द्वारा गुनिया नदी की सफाई और अतिक्रमण हटाने जैसे कार्य किए जा रहे हैं, जो सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि नदी सिंगवासा से निकलकर चिल्का तक जाती है और बीच में किसी भी प्रकार का अवरोध नहीं आना चाहिए। विधायक ने यह भी कहा कि प्रशासनिक फैसलों के दौरान दबाव जरूर आएंगे, लेकिन एक कुशल प्रशासक वही होता है जो दबाव में आए बिना काम करके दिखाए।
“सांसद बनने की बातें हो रही हैं”
विधायक शाक्य ने मंच से कहा कि लोग कलेक्टर की तारीफ करते हुए उन्हें सांसद बनने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन उनका साफ कहना है कि पहले जिले में ठोस काम नजर आना चाहिए। “सांसद बाद में बनना, पहले यहां कुछ परिणाम दिखाओ,” उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा।
भीम आर्मी जैसे संगठनों पर भी टिप्पणी
अपने भाषण के दौरान विधायक ने भीम आर्मी जैसे संगठनों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को इतना साहसी मानता है तो देश सेवा के लिए अग्निवीर जैसी योजनाओं में शामिल हो। अलग-अलग संगठन बनाकर समाज में तनाव पैदा करना उचित नहीं है।
पहले भी कलेक्टर पर साध चुके हैं निशाना
- यह पहली बार नहीं है जब विधायक पन्नालाल शाक्य ने कलेक्टर को लेकर सार्वजनिक रूप से कड़े शब्द कहे हों -
- जिला प्रशासन के विक्रमोत्सव कार्यक्रम में विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा था कि आप जैसे नाकारा अफसर आते और जाते रहेंगे।
- एक नवंबर 2025 को जिला पंचायत सभागार में शाक्य ने मंच से कहा कि ‘कलेक्टर साहब आप राजनेताओं से क्यों डरते हो, इनके दबाव में क्यों रहते हो। हम क्या किसी कलेक्टर के बाद चपरासी बन जाएंगे।’
- आठ मार्च को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की उपस्थिति में शाक्य ने कहा कि सिलेक्टेड लोग इलेक्टेड लोगों पर हावी हैं। यहां हम मंदिर में खड़े हैं, प्रसाद तक नहीं मिल रहा। इन बयानों के चलते विधायक और प्रशासन के बीच मतभेद पहले भी सुर्खियों में रहे हैं।