तमिलनाडु की राजनीति में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को लेकर हो रही है। पहली बार विधानसभा चुनाव मैदान में उतरी पार्टी ने शुरुआती रुझानों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने पारंपरिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। दोपहर तक के आंकड़ों में पार्टी 105 सीटों पर बढ़त बनाए हुए दिखाई दी, जिसके बाद यह सवाल तेजी से उठने लगा कि क्या विजय अब राज्य की सत्ता तक पहुंचने वाले हैं। जनता के बीच उनकी लोकप्रियता और आक्रामक चुनावी प्रचार ने राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।
8 ग्राम सोने के वादे ने खींचा सबसे ज्यादा ध्यान
विजय के घोषणापत्र में सबसे अधिक चर्चा उस वादे की हो रही है जिसमें विवाह के लिए महिलाओं को 8 ग्राम सोना देने की बात कही गई है। मौजूदा बाजार कीमत के अनुसार इसकी कीमत करीब 1.40 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ गरीब परिवारों की दुल्हनों को उच्च गुणवत्ता वाली रेशमी साड़ी देने का भी वादा किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा सीधे महिला मतदाताओं और निम्न आय वर्ग को साधने की रणनीति का हिस्सा है। यही वजह है कि यह वादा सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक बहस का विषय बना हुआ है।
महिलाओं और परिवारों को साधने की बड़ी रणनीति
टीवीके ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं को केंद्र में रखकर कई बड़े ऐलान किए हैं। 60 वर्ष से कम आयु की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है। इसके अलावा हर परिवार को साल में 6 मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने की घोषणा भी की गई है। महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का आश्वासन भी पार्टी ने दिया है। माना जा रहा है कि इन योजनाओं के जरिए विजय महिला वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
शिक्षा और युवाओं के लिए भी बड़े ऐलान
विजय ने अपने घोषणापत्र में शिक्षा और युवाओं पर विशेष फोकस रखा है। सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं को हर वर्ष 15 हजार रुपये देने का वादा किया गया है ताकि स्कूल छोड़ने की समस्या कम हो सके। इसके अलावा के. कामराज के नाम पर 100 विशेष आवासीय विद्यालय खोलने और उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण देने की घोषणा भी की गई है। युवा बेरोजगारी को मुद्दा बनाते हुए 5 लाख सरकारी नौकरियां और इतनी ही संख्या में प्रशिक्षण अवसर उपलब्ध कराने का वादा किया गया है। बेरोजगार स्नातकों को प्रति माह 4000 रुपये तक की सहायता देने की भी बात कही गई है।
कृषि, स्वास्थ्य और कल्याण योजनाओं पर बड़ा दांव
घोषणापत्र में किसानों के लिए भी कई बड़े वादे किए गए हैं। 5 एकड़ से कम जमीन रखने वाले किसानों के कृषि ऋण पूरी तरह माफ करने और बड़े किसानों को 50 प्रतिशत तक राहत देने की घोषणा की गई है। धान और गन्ने के लिए बढ़ा हुआ न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का भी आश्वासन दिया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हर साल मुफ्त स्वास्थ्य जांच, अस्पतालों के आधुनिकीकरण और 25 लाख रुपये तक की पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने का वादा किया गया है। दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को हर महीने 3000 रुपये पेंशन देने की बात भी घोषणापत्र का हिस्सा है।
क्या तमिलनाडु में बदल जाएगी राजनीति की तस्वीर?
विजय की पार्टी का तेजी से उभरना तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। जनता के बीच उनके वादों और नई राजनीति के दावों को लेकर उत्सुकता दिखाई दे रही है। हालांकि राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि सत्ता तक पहुंचने के बाद इन वादों को जमीन पर उतारना सबसे बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल इतना तय है कि विजय ने अपनी पहली ही चुनावी पारी में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है और अब सभी की नजर अंतिम नतीजों पर टिकी हुई है