लखनऊ - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के नए कैंपस के उद्घाटन समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को सरकार और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार या राजनीतिक नेतृत्व के दावों से अधिक अहम यह होता है कि जनता सरकार और प्रशासन को किस नजरिए से देखती है।
'अधिकारियों की भूमिका सबसे अहम'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने इस संबोधन में आगे कहा कि प्रशासनिक अधिकारी सरकार और आम जनता के बीच एक मजबूत पुल का कार्य करते हैं। यदि यह पुल प्रभावी ढंग से काम करता है, तो सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है, लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आता है और सरकार के प्रति विश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि जब सरकार, प्रशासन और जनता तीनों मिलकर समन्वय के साथ कार्य करते हैं, तभी योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आते हैं और विकास का लाभ व्यापक स्तर पर दिखाई देता है।
'2017 से पहले यूपी की छवि नकारात्मक थी'
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि वर्ष 2017 से पहले लगभग दो से तीन दशकों तक उत्तर प्रदेश की पहचान देशभर में नकारात्मक बन चुकी थी। उनकेअनुसार, उस समय लोगों की सोच राज्य के प्रति अच्छी नहीं थी और उत्तर प्रदेश को लेकर निराशाजनक धारणा विकसित हो गई थी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में सरकार ने प्रशासनिक सुधार, सुशासन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया, जिससे राज्य की छवि में बदलाव आया और लोगों का विश्वास बढ़ा।
जनता की राय सबसे बड़ा पैमाना
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी सरकार या राजनीतिक दल अपने बारे में कुछ भी दावा कर सकता है, लेकिन वास्तविक मूल्यांकन जनता करती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनकी कार्यशैली ही तय करती है कि सरकार के प्रति लोगों की धारणा कैसी बनेगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और सुशासन की भावना और मजबूत हो सके।