मेरठ/प्रयागराज - Narendra Modi 29 अप्रैल को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे, जिससे मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
36 हजार करोड़ की लागत से तैयार परियोजना
करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को राज्य की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। फिलहाल इसे छह लेन में विकसित किया गया है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित करने की योजना है, ताकि बढ़ते ट्रैफिक दबाव को आसानी से संभाला जा सके।
12 जिलों और 519 गांवों को मिलेगा लाभ
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, बुलंदशहर, अमरोहा, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों और 519 गांवों को सीधे जोड़ेगा। इससे न सिर्फ यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
एयरस्ट्रिप और आधुनिक सुविधाएं
एक्सप्रेसवे पर 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप भी बनाई गई है, जहां आपात स्थिति में भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान लैंड कर सकेंगे। इसके अलावा पूरे मार्ग पर बड़े पुल, अंडरपास और छोटी पुलियाओं का जाल बिछाया गया है, जिससे यात्रा सुरक्षित और सुगम बनेगी।
नदियों के ऊपर से शानदार सफर
हापुड़ के ब्रजघाट में गंगा नदी पर बने एक किलोमीटर लंबे पुल और रामगंगा पर बने 720 मीटर लंबे पुल से गुजरते समय यात्रियों को खास अनुभव मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे आधुनिक इंजीनियरिंग और सुविधाओं का एक बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।
भविष्य में हरिद्वार और जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी
आने वाले समय में इस एक्सप्रेसवे को उत्तराखंड के हरिद्वार और यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए लगभग 83 किलोमीटर लंबी लिंक रोड तैयार की जाएगी, जिससे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।