लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले शराब बाजार में बड़ी बिक्री की उम्मीद जताई जा रही है। धनतेरस से दिवाली तक तीन दिनों में करीब 550 करोड़ रुपये की शराब बिकने का अनुमान है। वहीं, ब्रिटेन से आयात होने वाली कुछ प्रीमियम विदेशी शराब की कीमतों में भी कटौती की गई है। जॉनी वॉकर रेड लेबल, ब्लैक लेबल और ब्लू लेबल जैसी व्हिस्की की नई कीमतें सामने आई हैं। हालांकि, कीमतों में यह राहत सभी विदेशी ब्रांडों पर लागू नहीं होगी।
तीन दिनों में 550 करोड़ रुपये की शराब बिक्री का अनुमान
उत्तर प्रदेश में दिवाली के त्योहार को देखते हुए शराब कारोबार में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। त्योहार के दौरान शराब की मांग आम दिनों के मुकाबले बढ़ जाती है। खासकर धनतेरस और दिवाली के आसपास बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद रहती है। इसी को देखते हुए प्रदेश में शराब की बिक्री को लेकर बड़ा अनुमान सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, धनतेरस से दिवाली तक तीन दिनों में करीब 550 करोड़ रुपये की शराब बिक सकती है। इस दौरान देशी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर समेत विभिन्न श्रेणियों की मांग पर नजर रहेगी। आबकारी विभाग और शराब कारोबार से जुड़े लोगों की निगाहें त्योहार के कारोबार पर टिकी हैं। हालांकि, 550 करोड़ रुपये का यह आंकड़ा अनुमानित है और वास्तविक बिक्री की पुष्टि त्योहार के बाद ही हो सकेगी।
विदेशी शराब की कीमतों में भी कटौती
दिवाली से पहले विदेशी शराब के कुछ चुनिंदा प्रीमियम ब्रांडों की कीमतों में कमी की खबर सामने आई है। इसका फायदा उन ग्राहकों को मिल सकता है, जो आयातित व्हिस्की खरीदना चाहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन से बोतलबंद होकर भारत आने वाली कुछ शराब पर आयात शुल्क में बदलाव के बाद नई कीमतें लागू हुई हैं। इसके चलते जॉनी वॉकर की कुछ प्रीमियम व्हिस्की समेत चुनिंदा आयातित उत्पादों के दाम कम हुए हैं। कीमतों में बदलाव से इन उत्पादों को खरीदने वाले ग्राहकों को पहले के मुकाबले कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, यह कटौती सभी विदेशी ब्रांडों या विदेशी नाम वाली शराब पर लागू नहीं होती। भारत में बोतलबंद किए जाने वाले उत्पादों की कीमतें आयातित उत्पादों से अलग हो सकती हैं। इसलिए ग्राहकों को खरीदारी से पहले संबंधित ब्रांड की नई कीमत और बोतल पर दर्ज एमआरपी की जांच करनी चाहिए।
रेड लेबल, ब्लैक लेबल और ब्लू लेबल की नई कीमतें
रिपोर्ट में जॉनी वॉकर की तीन लोकप्रिय प्रीमियम व्हिस्की की कीमतों में कटौती का जिक्र किया गया है। दी गई दरों के मुताबिक, 750 एमएल की रेड लेबल व्हिस्की की कीमत 1,910 रुपये से घटकर 1,740 रुपये बताई गई है। वहीं, ब्लैक लेबल की कीमत 3,080 रुपये से कम होकर 2,830 रुपये हो गई है। ब्लू लेबल की कीमत में भी बदलाव हुआ है और इसकी 750 एमएल की बोतल का दाम 15,400 रुपये से घटकर 14,460 रुपये बताया गया है। इन नई दरों के अनुसार, रेड लेबल पर 170 रुपये, ब्लैक लेबल पर 250 रुपये और ब्लू लेबल पर 940 रुपये की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, ये कीमतें संबंधित आयातित उत्पादों के लिए बताई गई हैं और हर दुकान पर उपलब्ध स्टॉक या लागू एमआरपी की पुष्टि करना जरूरी है। ग्राहकों को बोतल खरीदने से पहले उस पर छपी कीमत देखनी चाहिए। नई दरों की उपलब्धता और लागू होने की स्थिति संबंधित उत्पाद तथा बिक्री केंद्र के अनुसार जांची जानी चाहिए।
हर विदेशी ब्रांड पर नहीं मिलेगी कीमतों में राहत
विदेशी शराब की कीमतों में कटौती की खबर के बीच यह समझना जरूरी है कि इसका लाभ सभी ब्रांडों को नहीं मिलेगा। किसी शराब का नाम विदेशी होने से यह जरूरी नहीं कि उसकी कीमत भी कम हो गई हो। ब्रिटेन से बोतलबंद होकर भारत आने वाले उत्पादों और भारत में बोतलबंद किए जाने वाले उत्पादों की कीमतों में अंतर हो सकता है। आयात शुल्क में बदलाव का असर संबंधित उत्पादों पर निर्भर करता है। ऐसे में ग्राहकों को केवल ब्रांड के नाम के आधार पर कीमतों में कमी का अनुमान नहीं लगाना चाहिए। खरीदारी से पहले बोतल पर दर्ज अधिकतम खुदरा मूल्य यानी एमआरपी देखना जरूरी है। इसके अलावा, संबंधित दुकान पर लागू कीमत और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी भी लेनी चाहिए। इससे ग्राहकों को वास्तविक कीमत का पता चल सकेगा और पुरानी तथा नई दरों के बीच अंतर समझने में आसानी होगी।
दिवाली पर शराब बाजार के कारोबार पर रहेगी नजर
दिवाली के दौरान उत्तर प्रदेश में शराब की बिक्री को लेकर कारोबारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद है। त्योहार के समय मांग बढ़ने के कारण शराब बाजार में गतिविधियां तेज हो सकती हैं। तीन दिनों में 550 करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान इसी संभावित तेजी की ओर इशारा करता है। दूसरी ओर, चुनिंदा आयातित प्रीमियम व्हिस्की की कीमतों में कटौती की खबर भी चर्चा में है। इससे संबंधित उत्पादों की मांग पर क्या असर पड़ता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। हालांकि, बिक्री में बढ़ोतरी और कीमतों में कटौती के बीच सीधा संबंध मानना अभी जल्दबाजी होगी। 550 करोड़ रुपये का अनुमान वास्तविक बिक्री का अंतिम आंकड़ा नहीं है। त्योहार के बाद ही पता चलेगा कि प्रदेश में शराब का कुल कारोबार अनुमान के मुताबिक रहा या इसमें कोई अंतर आया।