उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज और कानपुर समेत उत्तर मध्य रेलवे के यात्रियों को दिल्ली रूट पर ट्रेनों के निरस्त होने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अचानक ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने से हजारों यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी। नौ अक्टूबर को प्रयागराज मंडल में 14,656 यात्रियों ने अपने आरक्षित टिकट वापस करा दिए। रेलवे ने काउंटरों से टिकट रद्द कराने वाले यात्रियों को 1.17 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लौटाई। वहीं, ऑनलाइन टिकटों के रिफंड का आंकड़ा भी करोड़ों रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। ट्रेनों के निरस्त होने से जहां यात्रियों की यात्रा योजनाएं बिगड़ीं, वहीं रेलवे पर भी आर्थिक दबाव बढ़ गया।
प्रयागराज मंडल में टिकट रद्द होने से रेलवे पर बढ़ा आर्थिक बोझ
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज मंडल में दिल्ली रूट पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के निरस्त होने के बाद यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ी। कई यात्रियों ने दूसरे साधनों से सफर करने का फैसला किया, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने अपने टिकट वापस करा दिए। नौ अक्टूबर को प्रयागराज मंडल के आरक्षण केंद्रों पर टिकट रद्द कराने वालों की भीड़ देखने को मिली। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल 14,656 यात्रियों ने काउंटरों से अपने आरक्षित टिकट वापस कराए। रेलवे ने इन यात्रियों को कुल 1,17,71,418 रुपये लौटाए। अचानक बढ़े रिफंड के कारण रेलवे पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। वहीं, ऑनलाइन टिकट रद्द कराने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए कुल रिफंड की राशि और अधिक होने का अनुमान है।
प्रयागराज और हमसफर एक्सप्रेस के यात्रियों को करना पड़ा इंतजार
दिल्ली और प्रयागराज के बीच चलने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। रेक उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रयागराज और हमसफर एक्सप्रेस के परिचालन पर असर पड़ा। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह दिल्ली से प्रयागराज आने वाली इन ट्रेनों के संचालन में भी बाधा आने की आशंका थी। इससे पहले शुक्रवार को प्रयागराज से दिल्ली जाने वाली ट्रेन का संचालन नहीं हो पाया था। इसके चलते शनिवार को प्रयागराज जंक्शन पर दिल्ली जाने वाले यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। प्रयागराज एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रियों को कतार लगाकर चढ़ाया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF के जवानों ने मोर्चा संभाला। यात्रियों को बारी-बारी से कोच में प्रवेश कराया गया, ताकि स्टेशन पर अव्यवस्था की स्थिति न बने।
प्रयागराज जंक्शन पर 4,239 यात्रियों ने वापस किए टिकट
ट्रेनों के निरस्त होने का असर प्रयागराज जंक्शन पर भी साफ दिखाई दिया। यहां बड़ी संख्या में यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द कर टिकट वापस करा दिए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज जंक्शन पर 21,894 टिकटों की बुकिंग के बीच 4,239 यात्रियों ने अपना सफर रद्द किया। रेलवे ने इन यात्रियों को कुल 35,39,296 रुपये वापस किए। वहीं, कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर भी टिकट रद्द कराने वालों की संख्या काफी अधिक रही। यहां 18,168 यात्रियों की बुकिंग के बीच 3,904 यात्रियों ने अपने टिकट वापस कराए। इसके बदले रेलवे ने 31,56,822 रुपये की राशि लौटाई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने से उत्तर प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर बड़ा असर पड़ा। अचानक टिकट रद्द कराने की स्थिति ने रेलवे की रिफंड व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव डाला।
राजधानी समेत कई ट्रेनों के निरस्त होने से बढ़ी मुश्किलें
दिल्ली रूट पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। प्रभावित ट्रेनों में प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, कानपुर शताब्दी, श्रमशक्ति एक्सप्रेस और शकूरबस्ती स्पेशल जैसी ट्रेनें शामिल थीं। इसके अलावा शनिवार को नई दिल्ली से हावड़ा जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस भी निरस्त कर दी गई। इससे दिल्ली से पूर्वांचल और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख बदलने या दूसरे विकल्प तलाशने पड़े। प्रयागराज जंक्शन पर स्लीपर और एसी कोचों में वेटिंग टिकट वाले यात्रियों की संख्या भी अधिक रही। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यात्रियों को कोचों के भीतर जगह मिल गई। इसके बावजूद अचानक ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों को समय और यात्रा प्रबंधन से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ऑनलाइन टिकटों के रिफंड का आंकड़ा पांच करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान
रेलवे में आरक्षित टिकटों की बुकिंग का बड़ा हिस्सा अब ऑनलाइन माध्यम से होता है। अधिकारियों के अनुसार, 80 प्रतिशत से अधिक टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिए बुक किए जाते हैं। ऐसे में ट्रेनों के निरस्त होने के बाद ऑनलाइन टिकट रद्द कराने वाले यात्रियों की संख्या भी काफी अधिक होने का अनुमान है। काउंटरों से लौटाई गई 1.17 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के अलावा ऑनलाइन टिकटों के रिफंड का आंकड़ा भी करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है। रेलवे के अनुमान के मुताबिक, ऑनलाइन टिकटों के रद्दीकरण के तहत पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि यात्रियों के बैंक खातों में वापस भेजी गई होगी। हालांकि, ऑनलाइन रिफंड की अंतिम राशि का आंकड़ा तैयार किया जा रहा था। इसके पूरा होने के बाद ही कुल रिफंड की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों की परेशानी के साथ रेलवे की रिफंड व्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ा है।