लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। मंगलवार को पेश किए गए ₹59,019.54 करोड़ के अनुपूरक बजट पर आज सदन में चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, महंगाई और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष के विरोध के चलते एक बार फिर सदन में हंगामे के आसार हैं। सपा विधायक सचिन यादव के निलंबन के बाद विपक्ष पहले से अधिक आक्रामक नजर आ रहा है।
अनुपूरक बजट पर होगी अहम चर्चा
मंगलवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया था। हंगामे के कारण बजट पर चर्चा नहीं हो सकी, जिसे आज सदन में आगे बढ़ाया जाएगा। बजट में उद्योग, ग्राम विकास, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण और आधारभूत ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। सबसे अधिक ₹22,107.88 करोड़ भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग को दिए गए हैं। इसके अलावा ग्राम विकास विभाग के लिए ₹17,942.73 करोड़, ऊर्जा विभाग के लिए ₹7,422.27 करोड़, स्वास्थ्य विभाग के लिए ₹2,000.25 करोड़, शिक्षा विभाग के लिए ₹1,600 करोड़ से अधिक और महिला कल्याण विभाग के लिए ₹1,094.40 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मंगलवार को सदन में हुआ था जोरदार हंगामा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण के दौरान विपक्षी विधायकों ने लगातार नारेबाजी की। इसी दौरान सपा विधायक सचिन यादव ने पोस्टर लहराया, जिस पर मुख्यमंत्री की तस्वीर और विरोधी नारे लिखे थे। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इसे सदन की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए पहले चेतावनी दी और बाद में सचिन यादव को निलंबित कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर मार्शलों को बुलाना पड़ा। महिला विधायकों ने विरोध जताते हुए घेरा बना लिया, जिससे कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई। बढ़ते हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।
निलंबन के बाद धरने पर बैठे सचिन यादव
सदन से निलंबित किए जाने के बाद सचिन यादव विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में अन्य सपा विधायक भी पहुंचे। विपक्ष का आरोप है कि सरकार राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा से बच रही है।
आज फिर टकराव के आसार
आज सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी, कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार अनुपूरक बजट और विकास योजनाओं को लेकर अपना पक्ष मजबूती से रखने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में तीसरे दिन भी विधानसभा में तीखी नोकझोंक और हंगामे की संभावना बनी हुई है।