उत्तर प्रदेश: वाराणसी और नई दिल्ली के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर रेलवे ने टिकट बुकिंग और किराये से जुड़े कुछ अहम नियम स्पष्ट किए हैं। इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को तत्काल और प्रीमियम तत्काल टिकट बुक करने की सुविधा नहीं मिलेगी। वहीं, यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि रेलवे ने इसमें फ्लेक्सी फेयर व्यवस्था भी लागू नहीं करने का फैसला किया है। यानी सीटों की मांग बढ़ने के बावजूद टिकट का किराया नहीं बढ़ेगा। इसके अलावा ट्रेन में महिलाओं और रेलवे कर्मचारियों के लिए भी बर्थ आरक्षित की गई हैं। आइए जानते हैं इस नई स्लीपर ट्रेन में टिकट बुकिंग, किराये और सीटों से जुड़ी पूरी जानकारी।
स्लीपर वंदे भारत में नहीं मिलेगा तत्काल टिकट
वाराणसी-नई दिल्ली स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को तत्काल टिकट बुक करने का विकल्प नहीं मिलेगा। रेलवे ने इस ट्रेन में तत्काल और प्रीमियम तत्काल दोनों तरह के कोटे को शामिल नहीं किया है। आमतौर पर लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्री तत्काल कोटे के जरिए यात्रा से कुछ समय पहले टिकट बुक कर सकते हैं। लेकिन इस ट्रेन में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। ऐसे में यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी। टिकट बुकिंग के लिए सामान्य आरक्षण व्यवस्था पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। रेलवे का यह फैसला इस ट्रेन की टिकट व्यवस्था को दूसरी प्रीमियम ट्रेनों से अलग बनाता है।
सीटों की मांग बढ़ने पर भी नहीं बढ़ेगा किराया
इस ट्रेन में यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत फ्लेक्सी फेयर व्यवस्था का लागू नहीं होना है। फ्लेक्सी फेयर सिस्टम में सीटों की मांग बढ़ने के साथ टिकट की कीमत भी बढ़ सकती है। खासकर त्योहारों, छुट्टियों और यात्रा के व्यस्त समय में यात्रियों को ज्यादा किराया देना पड़ता है। लेकिन वाराणसी-नई दिल्ली स्लीपर वंदे भारत में ऐसा नहीं होगा। रेलवे ने इस ट्रेन को फ्लेक्सी फेयर के दायरे से बाहर रखा है। इसका मतलब है कि यात्रियों को टिकट बुक करते समय निर्धारित किराया ही देना होगा। इससे अधिक मांग के समय भी किराये में बढ़ोतरी की चिंता नहीं रहेगी।
थर्ड एसी में महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी 6 बर्थ
स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस में महिला यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। ट्रेन के थर्ड एसी कोच में महिलाओं के लिए कुल 6 बर्थ आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है। इससे महिला यात्रियों को आरक्षण के दौरान विशेष सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा रेलवे के ड्यूटी पास पर यात्रा करने वाले कर्मचारियों के लिए भी अलग से बर्थ निर्धारित की गई हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए कुल 21 बर्थ का प्रावधान है। रेलवे ने अलग-अलग श्रेणियों में बर्थ का आवंटन यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया है। इससे ट्रेन में उपलब्ध सीटों का प्रबंधन व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
ट्रेन में होंगी कुल 823 बर्थ, तीन श्रेणियों में सफर
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली इस स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों के लिए कुल 823 बर्थ निर्धारित की गई हैं। ट्रेन में लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए तीन तरह की एसी श्रेणियां रखी गई हैं। इनमें थर्ड एसी, एसी टू-टियर और एसी फर्स्ट क्लास शामिल हैं। थर्ड एसी में सबसे ज्यादा 611 बर्थ उपलब्ध होंगी। वहीं, एसी टू-टियर में 188 और एसी फर्स्ट क्लास में 24 बर्थ निर्धारित की गई हैं। इस तरह अलग-अलग बजट और सुविधाओं के अनुसार यात्रियों को विकल्प मिल सकेंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन में यात्रियों को बेहतर रेल यात्रा का अनुभव देने की तैयारी है।
रेलवे अधिकारी ने दी टिकट व्यवस्था की जानकारी
प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने स्लीपर वंदे भारत की टिकट और बर्थ व्यवस्था को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ट्रेन में तत्काल और प्रीमियम तत्काल कोटे की सुविधा नहीं होगी। साथ ही इसमें फ्लेक्सी फेयर सिस्टम भी लागू नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रेन में थर्ड एसी की 611, एसी टू-टियर की 188 और एसी फर्स्ट क्लास की 24 बर्थ होंगी। इसके अलावा महिलाओं और रेलवे कर्मचारियों के लिए भी निर्धारित कोटे के तहत बर्थ उपलब्ध रहेंगी। रेलवे की ओर से दी गई इस जानकारी के बाद यात्रियों को टिकट बुकिंग से जुड़े नियमों को समझने में आसानी होगी। ऐसे में वाराणसी और नई दिल्ली के बीच सफर की योजना बनाने वाले यात्रियों को पहले से आरक्षण कराने की तैयारी रखनी होगी।