लखनऊ. स्वतंत्रता दिवस से पूर्व राजधानी लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास से निकली तिरंगा यात्रा ने देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं यात्रा को रवाना किया और बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं, विद्यार्थियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। यात्रा की शुरुआत पांच कालिदास मार्ग से हुई, जहां भातखंडे संगीत संस्थान के कलाकारों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन कर वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम में हजारों युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने स्वतंत्रता पर्व के प्रति जन-उत्साह और राष्ट्रीय भावना को नई ऊर्जा प्रदान की।
राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान पर मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
यात्रा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्र के सम्मान से बड़ा कोई मूल्य नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में रहकर राष्ट्रीय प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम है और इसलिए राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रीय विरासत के प्रति सम्मान प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय अस्मिता और देश की गरिमा से जुड़े प्रतीकों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और राष्ट्रीय चेतना का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए इसे भारत की राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष विशेष महत्व रखता है क्योंकि देशभर में राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उनके अनुसार ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान करोड़ों भारतीयों को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया और आज भी यह राष्ट्रभक्ति तथा सांस्कृतिक गौरव का प्रेरणास्रोत बना हुआ है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे देश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को समझें तथा नई पीढ़ी तक इन मूल्यों को पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
काकोरी क्रांति के वीरों को किया नमन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में काकोरी कांड की ऐतिहासिक घटना का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि इसी दिन वर्ष 1925 में युवा क्रांतिकारियों ने काकोरी ट्रेन कार्रवाई को अंजाम देकर ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी थी। उन्होंने इस ऐतिहासिक घटना को भारतीय युवाओं के अदम्य साहस, संगठन शक्ति और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के उन वीर सेनानियों के बलिदान को स्मरण करना केवल इतिहास को याद करना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने दायित्वों को समझना भी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समाज और देश के विकास में सक्रिय योगदान दें।
युवाओं और मातृशक्ति को बताया विकास का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सबसे अधिक लाभ युवाओं, महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाशक्ति और मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोजगार के माध्यम से देश की प्रगति में भागीदार बनें।
हजारों युवाओं की भागीदारी ने दिया ‘राष्ट्र प्रथम’ का संदेश
मुख्यमंत्री के अनुसार तिरंगा यात्रा में लगभग 25 से 30 हजार युवाओं ने भाग लेकर राष्ट्र प्रथम की भावना को सशक्त अभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ तिरंगा सेल्फी भी ली और उन्हें स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाने का आह्वान किया। विशाल जनभागीदारी ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिनिधि है। आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।