चमोली - उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में भगवान नारायण के स्वर्ण मणि जड़ित मुकुट की चोरी के मामले में चमोली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए एक साधु को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 5 लाख रुपये मूल्य का स्वर्ण मुकुट, चोरी की गई नकदी का हिस्सा और वारदात में इस्तेमाल किया गया बैग भी बरामद किया गया है।
भजन-कीर्तन के बहाने आश्रम में रुका था आरोपी
पुलिस जांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राघवराम पाठक उर्फ राघवदास (57) उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले का रहने वाला है। वह ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम (ब्रह्मकपाल) में भजन-कीर्तन के लिए ठहरा हुआ था। आरोप है कि 24 जुलाई 2026 की रात उसने आश्रम से भगवान नारायण का स्वर्ण मणि जड़ित मुकुट और वहां रखी नकदी चोरी कर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद आश्रम प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
एसपी चमोली के निर्देशन में गठित विशेष पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। लगातार छानबीन के बाद 29 जुलाई को बद्रीश गंगा वाटिका गेट (हनुमानचट्टी रोड) के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया स्वर्ण मुकुट, नकदी और घटना में इस्तेमाल किया गया काला बैग बरामद किया गया।
बरामद हुआ स्वर्ण मुकुट और नकदी
पुलिस ने आरोपी के पास से भगवान नारायण का स्वर्ण मणि जड़ित मुकुट, चोरी की गई नकदी में से 4,500 रुपये तथा वारदात में प्रयुक्त बैग बरामद किया है। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
न्यायालय में पेशी के बाद आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।