रुद्रप्रयाग - उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर केदारनाथ यात्रा की रफ्तार थाम दी है। केदारघाटी में भारी बारिश के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर आ गए हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। प्रशासन और आपदा राहत टीमें मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही हैं।
मलबा और भू-धंसाव से पैदल मार्ग बंद
लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिर रही हैं। कई संवेदनशील स्थानों पर भू-धंसाव की घटनाएं भी सामने आई हैं। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवाजाही रोक दी है। मौके पर मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी है।
रामपुर स्लाइडिंग जोन फिर हुआ सक्रिय
फाटा-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामपुर बाजार के पास स्थित संवेदनशील स्लाइडिंग जोन एक बार फिर सक्रिय हो गया है। यहां सुरक्षा दीवार (पुस्ता) और सड़क के बीच दोबारा भू-धंसाव होने से मार्ग की स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे यात्रा मार्ग की सुरक्षा और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है।
बारिश ने खोली निर्माण कार्य की पोल
गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी-मार्च में इस स्थान पर सुरक्षा कार्य कराया गया था और यात्रा शुरू होने से पहले इसे पूरा करने का दावा किया गया था। लेकिन जून की शुरुआती बारिश में ही सुरक्षा दीवार धंस गई थी। इसके बाद विभाग ने बेहतर गुणवत्ता के साथ दोबारा निर्माण कराने का दावा किया था, लेकिन अब फिर उसी स्थान पर भू-धंसाव शुरू हो गया है।
स्थानीय लोगों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का आरोप है कि स्लाइडिंग जोन का वैज्ञानिक और स्थायी समाधान करने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। उनका कहना है कि बार-बार सरकारी धन खर्च होने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और तकनीक की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।