उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है। उन्होंने पेपर लीक पर सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहल को ऐतिहासिक कदम बताया।
PM मोदी के संदेश का किया स्वागत
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश इस बात का प्रमाण है कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम धामी ने कहा कि आजादी के बाद देश के सामने कई गंभीर चुनौतियां थीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों, युवाओं और देशहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर भी प्रधानमंत्री ने सख्त कार्रवाई और मजबूत कानून लाने का स्पष्ट संदेश दिया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले को बताया बड़ा कदम
मुख्यमंत्री धामी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में होने वाली परीक्षाएं अधिक पारदर्शी होंगी और नकल या पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें अपनी मेहनत, योग्यता और प्रतिभा के आधार पर सफलता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
परीक्षा प्रणाली में सुधार पर जताया भरोसा
सीएम धामी ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत तथा विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
वन्यजीव संरक्षण और विकास पर भी बोले मुख्यमंत्री
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन्यजीव संरक्षण और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र जंगलों से आच्छादित है, इसलिए वन संरक्षण राज्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि यदि यह कहा जाए कि उत्तराखंड का विकास वन विभाग से होकर गुजरता है, तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। वन विभाग से जुड़ी बैठकों और योजनाओं से विकास कार्यों को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय समस्याओं का समाधान भी तेजी से किया जा सकेगा।