देहरादून- उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच चुनावी कार्ययोजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। अतिरिक्त EVM, VVPAT और कंट्रोल यूनिट बिहार से मंगाई जा चुकी हैं, जबकि अगले महीने से जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और अन्य चुनाव कर्मियों का प्रशिक्षण भी शुरू होगा।
बिहार से पहुंचीं हजारों EVM मशीनें
चुनावी जरूरतों को देखते हुए बिहार से 2,500 बैलेट यूनिट, 6,000 VVPAT और 12,500 कंट्रोल यूनिट उत्तराखंड पहुंच चुकी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने इन मशीनों को जिलावार भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली है, ताकि समय रहते सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें। फिलहाल राज्य में पहले से 27,700 बैलेट यूनिट, 36,553 कंट्रोल यूनिट और 25,697 VVPAT उपलब्ध हैं। नई मशीनों के जुड़ने से चुनावी तैयारियों को और मजबूती मिलेगी।
सितंबर-अक्टूबर में होगी EVM की जांच
निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार सितंबर और अक्टूबर में सभी EVM और VVPAT मशीनों की प्रथम स्तर की जांच (First Level Checking) की जाएगी। इस दौरान तकनीकी विशेषज्ञ प्रत्येक मशीन की कार्यक्षमता जांचेंगे। जो मशीनें मानकों पर खरी नहीं उतरेंगी, उन्हें चुनाव प्रक्रिया से अलग कर दिया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद सुरक्षित मशीनों को स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा।
अधिकारियों का होगा पांच दिवसीय प्रशिक्षण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने अगले महीने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO), रिटर्निंग अधिकारियों (RO) और अन्य चुनाव से जुड़े अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और विभिन्न चुनावी सेल से जुड़े कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मतदाता जागरूकता अभियान को भी मिलेगी गति
निर्वाचन आयोग चुनावी तैयारियों के साथ-साथ व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं चुनावी भागीदारी (SVEEP) कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाएगा। जिलावार मतदाता जागरूकता अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक मतदाता चुनाव में भागीदारी करें।
सील, टैग और अन्य चुनावी सामग्री की होगी खरीद
चुनावी प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए आयोग जल्द ही पावर पैक, सील, टैग और अन्य आवश्यक चुनावी सामग्री की खरीद प्रक्रिया भी शुरू करेगा। इससे मतदान के दौरान उपयोग होने वाले सभी संसाधन पहले से उपलब्ध रहेंगे।
तीन साल से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारी होंगे स्थानांतरित
चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत प्रदेश में तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात IAS, PCS और चुनाव ड्यूटी से जुड़े अधिकारियों के तबादले भी जल्द किए जाएंगे। यह प्रक्रिया चुनाव से लगभग छह महीने पहले पूरी की जाती है, ताकि नए अधिकारी समय रहते चुनावी प्रशिक्षण लेकर जिम्मेदारियां संभाल सकें।