उत्तराखंड- उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नेशनल फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन के अनुसार राज्य के कई जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटे तक कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का जोखिम बना रह सकता है। लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
11 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट
आईएमडी के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, चमोली, अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और रुद्रप्रयाग के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में 22 जुलाई सुबह 5:30 बजे तक फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम जोखिम बना रहेगा।
130 मिमी तक भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मौसम मॉडल के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान कुछ इलाकों में 130 मिलीमीटर तक बेहद भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण मिट्टी पूरी तरह संतृप्त हो चुकी है, जिससे नई बारिश का पानी तेजी से बहने और अचानक जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बढ़ गई है।
देहरादून, उत्तरकाशी और टिहरी में ज्यादा खतरा
आईएमडी के मुताबिक देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, पिथौरागढ़ और चंपावत के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में बीते छह घंटों के दौरान फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम खतरा दर्ज किया गया। वहीं सुबह 11:30 बजे तक देहरादून, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल के संवेदनशील इलाकों में खतरा बरकरार रहने की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटे में 100 मिमी तक बारिश
बुलेटिन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में पिछले छह घंटों में 40 मिमी और पिछले 24 घंटों में 100 मिमी तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इससे छोटे नदी-नाले, बरसाती धाराएं और पहाड़ी गदेरे उफान पर आ सकते हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों, बरसाती धाराओं और निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। तेज बारिश के दौरान जलमग्न सड़क, पुलिया या रपटे को पार न करने और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।